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विधायक निधि बढने से भ्रष्टाचार बढ़ेगा: डा. बिष्ट
Updated Wed, 14 Jun 2017 04:43 PM IST
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विधायक निधि बढ़ना सरासर गलत : डा. बिष्ट
अल्मोड़ा। उत्तराखंड लोक वाहिनी के केंद्रीय अध्यक्ष डा. शमशेर सिंह बिष्ट ने कहा है कि प्रदेश सरकार द्वारा विधायक निधि को पौने चार करोड़ करना उत्तराखंड की राजनीति को कमीशनबाजी की संस्कृति में धकेल देना है, ताकि विरोध की आवाज न उठे। सत्ता पक्ष आसानी से अपना शासन चलाता रहे। विधायक और सांसद निधि देने का मुख्य लक्ष्य ही यही है।
डा. बिष्ट ने कहा है कि जो भी निर्माण कार्य विधायक और सांसद निधि से होता है उसका 40 प्रतिशत भी वास्तविक रूप में निर्माण कार्य में नहीं लगता है। कहीं-कहीं तो स्थिति यह रहती है कि 90 प्रतिशत भी योजना में खर्च नहीं होता है। अधिकांश बजट की बंदर बांट हो जाती है। कुछ जनप्रतिनिधि तो इस बजट का उपयोग इसलिए नहीं करते कि कहीं वह बदनाम ना हो जाएं। सांसद और विधायक निधि वास्तविक रूप में अपने दल और कार्यकर्ताओं को पुरस्कृत करना है। इस निधि ने ग्रामीण क्षेत्रों में झगड़े बढ़ा दिए हैं। गांव-गांव में विभाजन दिखाई देता है। उत्तराखंड राज्य आंदोलन के समय यह सोचा गया था कि उत्तराखंड राज्य देश का आदर्श राज्य होगा, लेकिन आज राज्य बनने के बाद उत्तराखंड ठेकेदार खंड बनते जा रहा है।
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अल्मोड़ा। उत्तराखंड लोक वाहिनी के केंद्रीय अध्यक्ष डा. शमशेर सिंह बिष्ट ने कहा है कि प्रदेश सरकार द्वारा विधायक निधि को पौने चार करोड़ करना उत्तराखंड की राजनीति को कमीशनबाजी की संस्कृति में धकेल देना है, ताकि विरोध की आवाज न उठे। सत्ता पक्ष आसानी से अपना शासन चलाता रहे। विधायक और सांसद निधि देने का मुख्य लक्ष्य ही यही है।
डा. बिष्ट ने कहा है कि जो भी निर्माण कार्य विधायक और सांसद निधि से होता है उसका 40 प्रतिशत भी वास्तविक रूप में निर्माण कार्य में नहीं लगता है। कहीं-कहीं तो स्थिति यह रहती है कि 90 प्रतिशत भी योजना में खर्च नहीं होता है। अधिकांश बजट की बंदर बांट हो जाती है। कुछ जनप्रतिनिधि तो इस बजट का उपयोग इसलिए नहीं करते कि कहीं वह बदनाम ना हो जाएं। सांसद और विधायक निधि वास्तविक रूप में अपने दल और कार्यकर्ताओं को पुरस्कृत करना है। इस निधि ने ग्रामीण क्षेत्रों में झगड़े बढ़ा दिए हैं। गांव-गांव में विभाजन दिखाई देता है। उत्तराखंड राज्य आंदोलन के समय यह सोचा गया था कि उत्तराखंड राज्य देश का आदर्श राज्य होगा, लेकिन आज राज्य बनने के बाद उत्तराखंड ठेकेदार खंड बनते जा रहा है।
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