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जीआईसी शीतलाखेत को दुर्गम श्रेणी में न रखा तो आंदोलन

Sat, 02 Jun 2018 11:53 PM IST
Updated Sat, 02 Jun 2018 11:53 PM IST
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जीआईसी शीतलाखेत को दुर्गम श्रेणी में न रखा तो आंदोलन
अल्मोड़। दुर्गम श्रेणी के राजकीय इंटर कालेज शीतलाखेत को सुगम श्रेणी में दर्शाने से विद्यालय की समस्याएं कम होने के बजाए अधिक बढ़ गई हैं। इस विद्यालय में पहले से ही शिक्षकों के आठ पद खाली हैं। अब विद्यालय के सुगम श्रेणी में आने पर कोई शिक्षक नई नियुक्ति और पदोन्नति में इस विद्यालय को विकल्प के रूप में नहीं चुन सकता है। अभिभावकों और व्यापार मंडल शीतलाखेत के पदाधिकारियों की हुई बैठक में वक्ताओं ने विद्यालय को दुर्गम श्रेणी में नहीं रखने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी।
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उन्होंने कहा कि विपरीत भौगोलिक परिस्थितियों के कारण जीआईसी शीतलाखेत को दुर्गम श्रेणी में रखा गया था। विद्यालय में प्रधानाचार्य, तीन प्रवक्ता सहित एलटी सवर्ग में चार शिक्षकों के पद खाली चल रहे हैं। आठ किमी दूर से बच्चे इस विद्यालय में पढ़ने आते हैं, लेकिन शिक्षकों की कमी के कारण उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। विद्यालय को दुर्गम से हटाकर सुगम श्रेणी में रख दिया गया है। विद्यालय के सुगम श्रेणी में आने पर नई नियुक्ति और पदोन्नति में कोई भी शिक्षक, कर्मचारी विद्यालय को विकल्प के रूप में चुन नहीं सकता है। ऐसे में खाली पदों पर फिलहाल नियुक्ति होना मुश्किल लग रहा है। उन्होंने विद्यालय को दुर्गम श्रेणी में नहीं रखने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी। उन्होंने इस संबंध में मंडल आयुक्त को ज्ञापन भेजा। अध्यक्षता अभिभावक संघ अध्यक्ष हरीश जोशी और व्यापार मंडल अध्यक्ष गणेश पाठक ने की। बैठक में विपिन चंद्र पाठक, हेम पाठक, कैलाश गोस्वामी, पूरन सिंह बिष्ट, प्रेमा मेहरा, मोहन पाठक, हीरा सिंह, दीवान राम, राजेंद्र सिंह, शोभा चौधरी आदि मौजूद थे।
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