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1706 आंगनबाड़ी और मिनी केंद्रों के अपने भवन नहीं

Wed, 15 Nov 2017 09:38 PM IST
Updated Wed, 15 Nov 2017 09:38 PM IST
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1706 आंगनबाड़ी और मिनी केंद्रों के अपने भवन नहीं
अल्मोड़ा। छोटे बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा के साथ ही गर्भवती और धात्री महिलाओं के पोषण की जिम्मेदारी संभालने वाले आंगनबाड़ी केंद्रों में पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। जिले के 1860 आंगनबाड़ी और मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों में से मात्र 154 के ही अपने भवन हैं। 1706 केंद्रों के भवन नहीं बन पाए हैं। यह केंद्र सरकारी विद्यालयों, पंचायत घरों, सामुदायिक केद्रों अथवा किराए के भवनों में संचालित हो रहे हैं। पर्याप्त स्थान नहीं होने से इन केंद्रों में गतिविधियां संचालित करने में दिक्कतें आती हैं।
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जिले में 1190 आंगनबाड़ी केंद्रों में से मात्र 154 के ही अपने बने हैं। शेष 1036 केंद्रों के अपने भवन आज तक नहीं बन सके हैं। इनमें से 156 किराए के भवन में चल रहे हैं। शेष 849 केंद्र पंचायत घर, प्राथमिक स्कूल और सामुदायिक केंद्रों में चल रहे हैं।
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वहीं 670 मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों में से किसी का भी अपना भवन अब तक नहीं बन पाया है। यह आंगनबाड़ी केंद्र और मिनी आंगनबाड़ी केंद्र गांवों में स्थित सरकारी विद्यालयों, पंचायत घर, सामुदायिक केंद्रों अथवा किराए के भवनों में संचालित हो रहे हैं। इन केंद्रों पर तीन से पांच साल के बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा के अलावा गर्भवती, धात्री महिलाओं के पोषण की जिम्मेदारी होती है।
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पूर्व में विभाग द्वारा शहरी क्षेत्र में किराए के भवनों में संचालित होने वाले आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए 750 और ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित होने वाले केंद्रों के लिए 300 रुपये किराया निर्धारित था, लेकिन अब शासन ने केंद्रों में पंजीकृत लाभार्थियों के हिसाब से किराया निर्धारित करने के निर्देश दिए हैं।
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