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बच्चों को दिए अच्छे संस्कार ही करेंगे देश की दिशा तय
Updated Mon, 12 Nov 2018 11:18 PM IST
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अल्मोड़ा बालप्रहरी द्वारा पुष्पलता जोशी स्मृति न्यास के सहयोग से बाल दिवस के अवसर पर राजकीय इंटर कालेज अल्मोड़ा में बाल मेला आयोजित किया गया। जिसमें बच्चों की विभिन्न प्रतियोगिताएं हुईं। मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त उप शिक्षा निदेशक विपिन चंद्र जोशी ने कहा कि बच्चे देश के कर्णधार हैं। बच्चों को दिए अच्छे संस्कार ही देश की दिशा तय करेंगे।
उन्होंने कहा कि आज युवा वर्ग सही दिशा से भटक रहा है। ऐसी परिस्थितियों में बच्चों में अच्छे संस्कार जागृत करना चुनौतीपूर्ण है।
बच्चों को मानवीय और सामाजिक मूल्यों की शिक्षा दी जानी जरूरी है। बाल साहित्य संस्थान के उपाध्यक्ष नीरज पंत ने कहा कि बालप्रहरी, बाल साहित्य संस्थान और भारत ज्ञान विज्ञान समिति द्वारा बच्चों में प्रतिभा जागृत करने को विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाता है।
इस अवसर पर प्राथमिक, जूनियर और सीनियर वर्ग की भाषण, चित्रकला, कहानी लेखन, कविता, श्रुतिलेख प्रतियोगताएं हुई। जिनमें महालक्ष्मी जोशी, मन्नत गडिया, वैशाली पंत, करन मर्तोलिया, गरिमा जोशी, राहुल पांडे, कुमकुम ठठोला, आयुष, कामाक्षी बनौला, विशेष कपिल प्रथम रहे। उन्हें पुरस्कृत किया गया। इसके अलावा 45 अन्य बच्चों को भी शील्ड आरै बाल साहित्य भेंट किया गया।
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प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले विभिन्न विद्यालयों के 507 बच्चों को प्रशस्ति पत्र दिए गए। प्रतियोगिताएं कराने में नीरज पंत, भगवत बगडवाल, डॉ. महेंद्र सिंह मिराल, गोविंद सिंह रावत, उदय किरौला, अनिल पुनेठा ने सहयोग दिया। संयोजक डॉ. गोविंद सिंह रावत ने सभी का आभार जताया। इस अवसर पर मदन लाल साह, दयाकृष्ण कांडपाल, डा. दलीप सिंह बोरा, किशोर जोशी, कमल बिष्ट, ज्योति पांडे, राम चंद्र सिंह रौतेला, डा. विनोद राठौर, पुष्पा कैड़ा, सतीश भट्ट, शंकर दत्त भट्ट, गणेश भट्ट, संतोष किरौला, गोपाल गैड़ा आदि मौजूद थे। ॉ
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उन्होंने कहा कि आज युवा वर्ग सही दिशा से भटक रहा है। ऐसी परिस्थितियों में बच्चों में अच्छे संस्कार जागृत करना चुनौतीपूर्ण है।
बच्चों को मानवीय और सामाजिक मूल्यों की शिक्षा दी जानी जरूरी है। बाल साहित्य संस्थान के उपाध्यक्ष नीरज पंत ने कहा कि बालप्रहरी, बाल साहित्य संस्थान और भारत ज्ञान विज्ञान समिति द्वारा बच्चों में प्रतिभा जागृत करने को विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाता है।
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इस अवसर पर प्राथमिक, जूनियर और सीनियर वर्ग की भाषण, चित्रकला, कहानी लेखन, कविता, श्रुतिलेख प्रतियोगताएं हुई। जिनमें महालक्ष्मी जोशी, मन्नत गडिया, वैशाली पंत, करन मर्तोलिया, गरिमा जोशी, राहुल पांडे, कुमकुम ठठोला, आयुष, कामाक्षी बनौला, विशेष कपिल प्रथम रहे। उन्हें पुरस्कृत किया गया। इसके अलावा 45 अन्य बच्चों को भी शील्ड आरै बाल साहित्य भेंट किया गया।
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प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले विभिन्न विद्यालयों के 507 बच्चों को प्रशस्ति पत्र दिए गए। प्रतियोगिताएं कराने में नीरज पंत, भगवत बगडवाल, डॉ. महेंद्र सिंह मिराल, गोविंद सिंह रावत, उदय किरौला, अनिल पुनेठा ने सहयोग दिया। संयोजक डॉ. गोविंद सिंह रावत ने सभी का आभार जताया। इस अवसर पर मदन लाल साह, दयाकृष्ण कांडपाल, डा. दलीप सिंह बोरा, किशोर जोशी, कमल बिष्ट, ज्योति पांडे, राम चंद्र सिंह रौतेला, डा. विनोद राठौर, पुष्पा कैड़ा, सतीश भट्ट, शंकर दत्त भट्ट, गणेश भट्ट, संतोष किरौला, गोपाल गैड़ा आदि मौजूद थे। ॉ