{"_id":"5a3948854f1c1b96368b57e5","slug":"161513703557-almora-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"23 गांवों को पालिका में मिलाने का फैसला वापस ले सरकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
23 गांवों को पालिका में मिलाने का फैसला वापस ले सरकार
Updated Tue, 19 Dec 2017 10:42 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अल्मोड़ा। सीमावर्ती 23 गांवों को पालिका में मिलाए जाने के खिलाफ ग्रामीण संघर्ष समिति द्वारा गुरुवार 21 दिसंबर को जिला मुख्यालय में जुलूस निकाला जाएगा। समिति की बैठक में वक्ताओं ने कहा कि हवालबाग ब्लाक की 23 ग्राम पंचायतों को पालिका में लिए जाने का फैसला सरकार द्वारा वापस लिए जाने तक ग्रामीण आंदोलन जारी रखेंगे।
उन्होंने कहा कि सरकार के इस फरमान पर स्थानीय विधायक सहित सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं ने ग्रामीण जनता को विश्वास दिलाया था कि गांवों को पालिका में शामिल नहीं होने दिया जाएगा, पर सरकार ने अब तक इस मामले में कोई फैसला नहीं लिया है। जिससे ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सितंबर माह में ग्रामीणों ने आंदलोन चलाया था। विधायक सहित सत्ता पक्ष के नेताओं ने आश्वासन पर आंदोलन स्थगित किया गया था। पर अब तक इस मामले में जिला प्रशासन और सरकार के स्तर से कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जो कि ग्रामीणों के हितों के खिलाफ है। तय हुआ कि गुरुवार 21 दिसंबर को इन गांवों के लोग प्रदर्शन करेंगे।
बैठक की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष ब्लाक प्रमुख सूरज सिराड़ी और संचालन भुवन बिष्ट ने किया। बैठक में सचिव और खत्याड़ी के प्रधान हरीश कनवाल, ज्येष्ठ उप प्रमुख महेश चंद्र, महेश परिहार, योगी सुंदरनाथ, कमलेश कनवाल, हर्ष कनवाल, सुंदर सिंह, संजय सिंह, चंदन रावत, रवींद्र बिष्ट, बबलू तिवारी, सोम तिवारी, मीरा देवी, रंजना देवी, भागीरथी, गोपाल सिंह, राजेंद्र मेहता अंबी राम आदि ने भाग लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि सरकार के इस फरमान पर स्थानीय विधायक सहित सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं ने ग्रामीण जनता को विश्वास दिलाया था कि गांवों को पालिका में शामिल नहीं होने दिया जाएगा, पर सरकार ने अब तक इस मामले में कोई फैसला नहीं लिया है। जिससे ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सितंबर माह में ग्रामीणों ने आंदलोन चलाया था। विधायक सहित सत्ता पक्ष के नेताओं ने आश्वासन पर आंदोलन स्थगित किया गया था। पर अब तक इस मामले में जिला प्रशासन और सरकार के स्तर से कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जो कि ग्रामीणों के हितों के खिलाफ है। तय हुआ कि गुरुवार 21 दिसंबर को इन गांवों के लोग प्रदर्शन करेंगे।
विज्ञापन
बैठक की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष ब्लाक प्रमुख सूरज सिराड़ी और संचालन भुवन बिष्ट ने किया। बैठक में सचिव और खत्याड़ी के प्रधान हरीश कनवाल, ज्येष्ठ उप प्रमुख महेश चंद्र, महेश परिहार, योगी सुंदरनाथ, कमलेश कनवाल, हर्ष कनवाल, सुंदर सिंह, संजय सिंह, चंदन रावत, रवींद्र बिष्ट, बबलू तिवारी, सोम तिवारी, मीरा देवी, रंजना देवी, भागीरथी, गोपाल सिंह, राजेंद्र मेहता अंबी राम आदि ने भाग लिया।
विज्ञापन