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मलबा आने से सोमेश्वर तहसील की दो सड़के आठ घंटे बंद रही
Updated Sat, 07 Apr 2018 10:49 PM IST
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सोमेश्वर (अल्मोड़ा)। शुक्रवार की देर शाम हुई तेज बारिश से सड़कों में मलबा आने से सोमेश्वर तहसील के दो मोटर मार्ग आठ घंटे बंद रहे। शनिवार की सुबह जेसीबी से मलबा हटाकर बंद मार्गों को खोला गया। ओलावृष्टि से सब्जियों की पौध और फलदार वृक्षों में आए फूल झड़ गए हैं।
बारिश होने से सोमेश्वर-कौसानी मोटर मार्ग, सोमेश्वर-भैसड़गांव मोटर मार्ग पर शुक्रवार रात 11 बजे को मलबा आ गया। मलबा आने से दोनों सड़कें शनिवार सुबह सात बजे तक बंद रहीं। इस दौरान यातायात व्यवस्था पूरी तरह ठप रही। इससे लोगों को भारी परेशानियों से जूझना पड़ा। शनिवार की सुबह स्थानीय लोगों और पुलिस ने मोटर मार्गों में पड़े मलबा को हटाकर पैदल चलने लायक रास्ता बनाया। बाद में जेसीबी मशीन मंगाई गई और मलबा हटाया गया।
इसके बाद यातायात सुचारू हो सका। इधर बारिश के साथ ओलावृष्टि ने किसानों की कमर तोड़ दी है। इस बार सेब नाशपाती, आडू, खुमानी, पलम आदि फलदार वृक्षों में काफी फूल आए थे। ओलावृष्टि के कारण काफी मात्रा में फूल नष्ट हो गए हैं। किसानों ने खेतों में लौकी, तुरई, कद्दू, शिमला मिर्च, बैगन, करेला आदि के पौधे रोपे थे। ओलावृष्टि ने इन पौधों को तहस-नहस कर दिया है।
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बारिश होने से सोमेश्वर-कौसानी मोटर मार्ग, सोमेश्वर-भैसड़गांव मोटर मार्ग पर शुक्रवार रात 11 बजे को मलबा आ गया। मलबा आने से दोनों सड़कें शनिवार सुबह सात बजे तक बंद रहीं। इस दौरान यातायात व्यवस्था पूरी तरह ठप रही। इससे लोगों को भारी परेशानियों से जूझना पड़ा। शनिवार की सुबह स्थानीय लोगों और पुलिस ने मोटर मार्गों में पड़े मलबा को हटाकर पैदल चलने लायक रास्ता बनाया। बाद में जेसीबी मशीन मंगाई गई और मलबा हटाया गया।
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इसके बाद यातायात सुचारू हो सका। इधर बारिश के साथ ओलावृष्टि ने किसानों की कमर तोड़ दी है। इस बार सेब नाशपाती, आडू, खुमानी, पलम आदि फलदार वृक्षों में काफी फूल आए थे। ओलावृष्टि के कारण काफी मात्रा में फूल नष्ट हो गए हैं। किसानों ने खेतों में लौकी, तुरई, कद्दू, शिमला मिर्च, बैगन, करेला आदि के पौधे रोपे थे। ओलावृष्टि ने इन पौधों को तहस-नहस कर दिया है।
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