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आठ साल इंतजार के बाद भी नहीं बनी 27 किमी सड़क
Updated Mon, 26 Feb 2018 11:24 PM IST
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अल्मोड़ा। पीएमजीएसवाई के तहत 2010 में स्वीकृत हुए 27 किमी मंगलता-त्रिनैली मोटर मार्ग का निर्माण शुरू नहीं होने से ग्रामीणों में आक्रोश है। सड़क नहीं बनने के कारण ग्रामीणों को नजदीकी स्टेशन आने के लिए दस किमी पैदल चलना पड़ता है। उन्होंने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर सड़क का निर्माण कार्य शीघ्र शुरू करने की मांग की है।
2010 में पीएमजीएसवाई के तहत 25 किमी लंबा मंगलता-त्रिनैली मोटर मार्ग मंजूर हुआ था। स्वीकृति के नौ साल बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। सड़क नहीं बनने के कारण थिकलना, ऐरीखान, बाडोथाला, धौलनेली, डनखाली, कटौजिया, कोटा, त्रिनैली, सजौला समेत कई गांवों के ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीण दस किमी पैदल चलकर नजदीकी स्टेशन पहुंचते हैं। सड़क के अभाव में खासकर बीमार और प्रसव पीड़िताओं को भारी परेशानियों से जूझना पड़ता है। ग्रामीण बीमार और प्रसव पीड़िता को डोली में अस्पताल लाते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क का कई बार सर्वे किया गया है, लेकिन निर्माण कार्य शुरू नहीं किया जा रहा है।
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उन्होंने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर सड़क निर्माण शुरू करने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन के प्रदेश महासचिव गोपाल मोहन भट्ट, छात्रसंघ उपाध्यक्ष सोहित भट्ट, रवि वाणी, भरत सिंह भैसोड़ा, नीमा वाणी, सूरज वाणी, अनीता वाणी, गौरव गोकरन, पंकज बगड़वाल आदि शामिल हैं।
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2010 में पीएमजीएसवाई के तहत 25 किमी लंबा मंगलता-त्रिनैली मोटर मार्ग मंजूर हुआ था। स्वीकृति के नौ साल बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। सड़क नहीं बनने के कारण थिकलना, ऐरीखान, बाडोथाला, धौलनेली, डनखाली, कटौजिया, कोटा, त्रिनैली, सजौला समेत कई गांवों के ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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ग्रामीण दस किमी पैदल चलकर नजदीकी स्टेशन पहुंचते हैं। सड़क के अभाव में खासकर बीमार और प्रसव पीड़िताओं को भारी परेशानियों से जूझना पड़ता है। ग्रामीण बीमार और प्रसव पीड़िता को डोली में अस्पताल लाते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क का कई बार सर्वे किया गया है, लेकिन निर्माण कार्य शुरू नहीं किया जा रहा है।
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उन्होंने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर सड़क निर्माण शुरू करने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन के प्रदेश महासचिव गोपाल मोहन भट्ट, छात्रसंघ उपाध्यक्ष सोहित भट्ट, रवि वाणी, भरत सिंह भैसोड़ा, नीमा वाणी, सूरज वाणी, अनीता वाणी, गौरव गोकरन, पंकज बगड़वाल आदि शामिल हैं।