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स्वयं सेवक लेे रहे खोज और बचाव का प्रशिक्षण
Updated Sat, 20 Jan 2018 09:53 PM IST
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अल्मोड़ा। आपदा के दौरान बचाव दल की आवश्यकता को देखते हुए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा राजस्व, ग्राम्य विकास, युवक मंगल दल, युवा कल्याण, पुलिस और विभिन्न विभागों के कर्मचारियों के लिए सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू कर दिया गया है। प्रथम चरण में भैंसवाड़ा फार्म में युवा कल्याण और प्रांतीय रक्षक दल के 25 स्वयं सेवकों को खोज एवं बचाव का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
जिलाधिकारी ईवा आशीष के निर्देश पर भैंसवाड़ा फार्म में आपदा न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केंद्र के प्रशिक्षकों द्वारा प्रतिभागियों को पहाड़ पर चढ़ना, खाई एवं गहरी घाटी में उतरना, घायल व्यक्ति को दुर्घटना स्थल से निकालना, प्राथमिक चिकित्सा देने के अलावा स्ट्रेचर बनाना, रोप लैडर बनाना, रस्सी की मदद से पुल बनाना आदि का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
आपदा प्रबंधन अधिकारी राकेश जोशी ने बताया कि प्रशिक्षण के बाद प्रतिभागियों का डाटा बेस बनाकर तहसील स्तर पर त्वरित प्रतिवादन दल गठन किया जाएगा, जिसे तहसील क्विक रिस्पांस टीम का नाम दिया जाएगा और दलों को उपकरण भी उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रथम चरण में भैंसवाड़ा फार्म में युवा कल्याण और प्रांतीय रक्षक दल के 25 स्वयं सेवकों को खोज एवं बचाव का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण देने वालों में आलोक वर्मा, विनोद भट्ट, बसंत वल्लभ जोशी, दीपेश नेगी शामिल हैं।
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जिलाधिकारी ईवा आशीष के निर्देश पर भैंसवाड़ा फार्म में आपदा न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केंद्र के प्रशिक्षकों द्वारा प्रतिभागियों को पहाड़ पर चढ़ना, खाई एवं गहरी घाटी में उतरना, घायल व्यक्ति को दुर्घटना स्थल से निकालना, प्राथमिक चिकित्सा देने के अलावा स्ट्रेचर बनाना, रोप लैडर बनाना, रस्सी की मदद से पुल बनाना आदि का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
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आपदा प्रबंधन अधिकारी राकेश जोशी ने बताया कि प्रशिक्षण के बाद प्रतिभागियों का डाटा बेस बनाकर तहसील स्तर पर त्वरित प्रतिवादन दल गठन किया जाएगा, जिसे तहसील क्विक रिस्पांस टीम का नाम दिया जाएगा और दलों को उपकरण भी उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रथम चरण में भैंसवाड़ा फार्म में युवा कल्याण और प्रांतीय रक्षक दल के 25 स्वयं सेवकों को खोज एवं बचाव का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण देने वालों में आलोक वर्मा, विनोद भट्ट, बसंत वल्लभ जोशी, दीपेश नेगी शामिल हैं।
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