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कार्यशाला में विभिन्न प्रकार के ऐपण बनाने के तरीके बताए
Updated Thu, 29 Nov 2018 11:54 PM IST
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अल्मोड़ा। गोविंद बल्लभ पंत लोक कला संस्थान अल्मोड़ा में आयोजित दो दिवसीय ऐपण कार्यशाला में प्रतिभागियों को विभिन्न प्रकार के ऐपण बनाने के तरीके बताए गए। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि कुमाऊं में जगह-जगह पर लोक कला अपने विभिन्न स्वरूपों में बिखरी पड़ी हैं। ऐपण भी यहां की लोक कला को जीवंत रूप से प्रदर्शित करता है।
संचालन डॉ. चंद्र सिंह चौहान ने किया। निर्णायक एसएसजे परिसर के दृश्य कला विभाग की प्रो. सोनू द्विवेदी, गोविंद बल्लभ पंत राजकीय संग्रहालय अल्मोड़ा के प्रभारी डॉ. ज्ञान प्रकाश तिवारी, पान सिंह बिष्ट थे। इस मौके पर गब्बर सिंह नेगी, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी प्रमोद जोशी, कवींद्र कांडपाल, रमेश कांडपाल, चंद्रशेखर उपाध्याय, भवान सिंह, जमन सिंह, नंदन सिंह, खीम सिंह नेगी, गिरधर जैनी, विवेक चंद्र, हरीश बिष्ट, संतोष बिष्ट, हेमा बिष्ट, महेश बिष्ट आदि मौजूद थे। ब्यूरो
संचालन डॉ. चंद्र सिंह चौहान ने किया। निर्णायक एसएसजे परिसर के दृश्य कला विभाग की प्रो. सोनू द्विवेदी, गोविंद बल्लभ पंत राजकीय संग्रहालय अल्मोड़ा के प्रभारी डॉ. ज्ञान प्रकाश तिवारी, पान सिंह बिष्ट थे। इस मौके पर गब्बर सिंह नेगी, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी प्रमोद जोशी, कवींद्र कांडपाल, रमेश कांडपाल, चंद्रशेखर उपाध्याय, भवान सिंह, जमन सिंह, नंदन सिंह, खीम सिंह नेगी, गिरधर जैनी, विवेक चंद्र, हरीश बिष्ट, संतोष बिष्ट, हेमा बिष्ट, महेश बिष्ट आदि मौजूद थे। ब्यूरो
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