फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Almora News ›   ड्रोन कैमरे से बनेगी पुरातात्विक महत्व के मंदिरों की डाक्यूमेंट्री

ड्रोन कैमरे से बनेगी पुरातात्विक महत्व के मंदिरों की डाक्यूमेंट्री

Sun, 30 Jul 2017 10:22 PM IST
Updated Sun, 30 Jul 2017 10:22 PM IST
विज्ञापन
ड्रोन कैमरे से बनेगी पुरातात्विक महत्व के मंदिरों की डाक्यूमेंट्री
अल्मोड़ा। पुरातत्व विभाग अगस्त पहले सप्ताह से कुमाऊं के पुरातात्विक महत्व के मंदिरों और स्मारकों की डाक्यूमेंट्री फिल्म बनाने जा रहा है। ड्रोन कैमरे से बनाए जाने वाली इस फिल्म में मंदिर के पुरातात्विक, सांस्कृतिक, धार्मिक महत्व की जानकारी भी शामिल होगी। पहले चरण में अल्मोड़ा के चयनित मंदिरों की फिल्म बनेगी। फिल्म बनाने का काम भारतीयम प्रोडक्शन फिल्म लखनऊ और मुंबई की टीम द्वारा किया जाएगा।
विज्ञापन


संस्कृति, पर्यटन और पुरातत्व विभाग ने ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व के मंदिरों की डाक्यूमेंट्री फिल्म बनाने की तैयारी पूरी कर ली है। जिसमें सबसे पहले अल्मोड़ा के मंदिरों की डाक्यूमेंट्री फिल्म बनेगी। इसके लिए ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व के अल्मोड़ा के पांच मंदिरों को चुना गया है। इनमें अल्मोड़ा में नंदादेवी मंदिर, पाताल देवी मंदिर, पेटशाल मार्ग पर स्थित श्रीराम मंदिर-नारायण काली, पिठौनी में स्थित मुंडेश्वर महादेव मंदिर और प्राचीन चित्राश्रय-शैलाश्रय लखुडियार शामिल हैं।
विज्ञापन


डाक्यूमेंट्री फिल्म में पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान के साथ ही मंदिर के पुरातात्विक, सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व की जानकारी भी होगी। भारतीयम प्रोडक्शन लखनऊ और मुंबई की टीम डाक्यूमेंट्री फिल्म का फिल्मांकन करेगी। क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी चंद्र सिंह चौहान ने बताया कि डाक्यूमेंट्री फिल्मांकन का कार्य अगस्त पहले सप्ताह से शुरू होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


ड्रोन कैमरे में कैद रहेगा मंदिर के चारों ओर का परिदृश्य

अल्मोड़ा। मंदिरों की डाक्यूमेंट्री फिल्म बनाने के लिए मैनुअल कैमरों के साथ ही ड्रोन कैमरे का भी प्रयोग होगा। जिससे मंदिर के चारों ओर का पूरा परिदृश्य कैमरे के सामने मौजूद रहेगा। भविष्य में मंदिर के आसपास के 100 मीटर परिधि में अगर कोई निर्माण होता है तो उस पर भी विभाग नजर रख सकेगा और निर्माणकर्ता यह दावा नहीं कर पाएगा कि यह निर्माण पहले से ही था। मालूम हो कि पुरातात्विक नियमावली में ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व के मंदिरों के आसपास 100 मीटर परिधि में निर्माण कार्य प्रतिबंधित है। ऐसा होने पर विभाग द्वारा संबधित के खिलाफ कार्रवाई की जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed