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चरणदास चोर की प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोहा
Updated Sat, 08 Jul 2017 09:47 PM IST
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अल्मोड़ा। दर्पण समिति की ओर से रैमजे इंटर कालेज अल्मोड़ा में कलाकारों ने चरणदास चोर नाटक का शानदार मंचन किया। नाटक में सभी कलाकारों ने अपने अभिनय से दर्शकों की वाहवाही लूटी। चरणदास चोर एक राजस्थानी लोक कथा है। यह एक ऐसे चोर की कहानी है जो एक हवलदार से बचने के लिए अपने गुरु को ऐेसे वचन दे बैठता है जो एक चोर के जीवन में हो पाना असंभव है। नाटक का रूपांतरण और निर्देशन अभिषेक मैंदोला ने किया। उदय मेहरा ने चरणदास चोर, शरद जोशी ने हवलदार, नीरज सिंह बिष्ट ने किसान, नीलम कोरंगा ने सेठानी, विनोद थापा ने गुरु, चंद्रशेखर ने शराबी भक्त, सुमित कुमार ने नशेडी भक्त, विप्लव कृष्णा ने जुआरी भक्त, सुमित ठाकुर ने भक्त, अर्जुन वाल्मीकि ने लाला, शुभम जोशी ने मंत्री, निमिशा कनवाल ने रानी, यामिनी मिश्रा, चित्रा मिश्रा ने सखी का किरदार निभाया।
इस मौके पर दर्पण संस्था की सचिव विभु कृष्णा ने आज के दौर में कलाकारों की उपेक्षा पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि नाटकों में कई दिनों की मेहनत करके प्रस्तुति देने वाले कलाकार आय के रूप में बहुत कम अर्जित कर पाते हैं। जिससे धीरे-धीरे उनका इस विधा से मोह भंग हो रहा है। सरकार को कलाकारों के हितों का भी ध्यान रखना चाहिए। ताकि हमारी संस्कृति और कला का सही मायने में संरक्षण हो सके। इस मौके पर कार्यक्रम में संस्था के अध्यक्ष यूसुफ तिवारी, नीरज भट्ट समेत काफी संख्या में दर्शक और अन्य लोग मौजूद थे।
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इस मौके पर दर्पण संस्था की सचिव विभु कृष्णा ने आज के दौर में कलाकारों की उपेक्षा पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि नाटकों में कई दिनों की मेहनत करके प्रस्तुति देने वाले कलाकार आय के रूप में बहुत कम अर्जित कर पाते हैं। जिससे धीरे-धीरे उनका इस विधा से मोह भंग हो रहा है। सरकार को कलाकारों के हितों का भी ध्यान रखना चाहिए। ताकि हमारी संस्कृति और कला का सही मायने में संरक्षण हो सके। इस मौके पर कार्यक्रम में संस्था के अध्यक्ष यूसुफ तिवारी, नीरज भट्ट समेत काफी संख्या में दर्शक और अन्य लोग मौजूद थे।
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