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बारिश के लिए भगवान की शरण में
Updated Mon, 23 Jul 2018 11:32 PM IST
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भिकियासैंण (अल्मोड़ा)। बारिश नहीं होने से भिकियासैंण क्षेत्र में फसल सूखने के कगार पर है। सावन के दूसरे सोमवार को एक दर्जन से अधिक गांवों के लोगों ने बारिश के लिए नीलेश्वर महादेव मंदिर भिकियासैंण में जलाभिषेक कर शिव की आराधना की।
मान्यता है कि क्षेत्र में जब भी सूखा पड़ता है आसपास के ग्रामीण सामूहिक रूप से नीलेश्वर महादेव मंदिर में पहुंचकर शिवलिंग पर जलाभिषेक करते हैं। तीन दिन के भीतर बारिश होने के प्रमाण वृद्ध लोगों ने बताए हैं। इस बार फसल के लिए पर्याप्त बारिश नहीं होने से सूखा पड़ने के कगार पर है।
बारिश की गुहार लेकर सावन के दूसरे सोमवार को भिकियासैंण, सबोली, कमेडूवा, सैणसेरा, पनपोला, गोनीफेर, बाड़ीकोट, नैलवालपाली, छानी, मणुली, कनगणी , कैनाबाग, बिजवाण आदि गांवों के लोग नगाड़ों-निशानों के साथ रामगंगा नदी के तट पहुंचे। वहां से गंगा जल लेकर मंदिर की परिक्रमा करने के साथ भोले शंकर के जयकारों के साथ शिवलिंग पर जलाभिषेक किया। घंटों तक मंदिर परिसर में आयोजित भजन कीर्तिनों ने माहौल भक्तिमय कर दिया।
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मान्यता है कि क्षेत्र में जब भी सूखा पड़ता है आसपास के ग्रामीण सामूहिक रूप से नीलेश्वर महादेव मंदिर में पहुंचकर शिवलिंग पर जलाभिषेक करते हैं। तीन दिन के भीतर बारिश होने के प्रमाण वृद्ध लोगों ने बताए हैं। इस बार फसल के लिए पर्याप्त बारिश नहीं होने से सूखा पड़ने के कगार पर है।
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बारिश की गुहार लेकर सावन के दूसरे सोमवार को भिकियासैंण, सबोली, कमेडूवा, सैणसेरा, पनपोला, गोनीफेर, बाड़ीकोट, नैलवालपाली, छानी, मणुली, कनगणी , कैनाबाग, बिजवाण आदि गांवों के लोग नगाड़ों-निशानों के साथ रामगंगा नदी के तट पहुंचे। वहां से गंगा जल लेकर मंदिर की परिक्रमा करने के साथ भोले शंकर के जयकारों के साथ शिवलिंग पर जलाभिषेक किया। घंटों तक मंदिर परिसर में आयोजित भजन कीर्तिनों ने माहौल भक्तिमय कर दिया।
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