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मेरे पापा कहां हैं...मुझे स्कूल जाना है
देहरादून/ब्यूरो
Updated Sat, 22 Jun 2013 11:08 AM IST
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‘हैलो, मेरे पापा कहां हैं, कब तक मिल जाएंगे। मुझे स्कूल जाना है, पापा ही मुझे स्कूल छोड़ने जाते हैं’। शुक्रवार दोपहर गुजरात से एक बच्ची फोन पर यह बोली तो डीआईजी आपदा कंट्रोल रूम में सभी भावुक हो उठे।
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कंट्रोल रूम में 130 से ज्यादा फोन आए
कंट्रोल रूम कर्मियों ने बच्ची को समझाने के बाद रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी जिले में सेटेलाइट फोन के जरिये उसके पापा को तलाशने की कोशिश की। वहीं, शुक्रवार को कंट्रोल रूम में 130 से ज्यादा फोन आए। एक दिन में यह संख्या अभी तक सबसे ज्यादा है।
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डीआइजी आपदा कंट्रोल रूम में शुक्रवार को महाराष्ट्र, केरल, पश्चिम बंगाल और गुजरात से ज्यादा काल आए। दोपहर को गुजरात से एक महिला फोन पर अपनी पति के बारे में पूछ ही रही थी कि उनकी नन्ही बेटी ने फोन पकड़ लिया। उसकी बातें सुनकर फोन सुन रहे कर्मी की आंखें भर आईं।
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जरूरी जानकारी हासिल की
ऐसी कई फोन आए जिनमें लोग सिर्फ सुबकते रहे। उन्हें संभाला गया और फिर उनके परिचितों के बारे में जरूरी जानकारी हासिल की गई। कई लोग ऐसे भी थे जो मान चुके थे कि उनके परिजन शायद अब कभी नहीं मिलेंगे। दिन में अचानक काल ज्यादा आने से डीआईजी आपदा कंट्रोल रूम में स्टाफ बढ़ाया गया।
डीआईजी गढ़वाल रेंज अमित सिन्हा ने बताया कि जो भी काल आ रही है। उनके परिचितों को बारे में जानकारी हासिल कर सेटेलाइट फोन के जरिये पूछताछ की जा रही है।