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बेटे की हत्या के बाद दी जान: विनोद ने बेटी का इस कदर कसा था गला कि आंखों में जम गया खून, दहशत भरे पल भुला न...
Thu, 11 May 2023 01:06 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 11 May 2023 01:06 PM IST
सार
लखनऊ के अमेठी कस्बे के मुंशीगंज इलाके में हुई सनसनीखेज वारदात में नया खुलासा हुआ है। आरोपी विनोद ने बेटे की हत्या के बाद बेटी को भी मारने का प्रयास किया। उसका गला तार से इस कदर कसा कि उसकी आंखों में खून जम गया है। उसे दिखने में परेशानी हो रही है।
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Lucknow Suicide case
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
छह साल के बेटे की हत्या कर खुदकुशी करने वाले विनोद कुमार ने आठ साल की बेटी मानवी की गर्दन इस कदर तार से कसी थी कि उसकी आंखों में खून जम गया है। मानवी पीड़ा में हैं। उसको देखने में दिक्कत आ रही है।
बुधवार को परिजन उसको लेकर सिविल अस्पताल पहुंचे। डॉक्टरों ने शुरुआती जांच के बाद बृहस्पतिवार को दोबारा बुलाया है। तब स्पष्ट होगा कि आखिर उसकी आंखों को कितना नुकसान हुआ है। उधर, मानवी वारदात से इतना अधिक सहमी है कि दहशत भरे पल वह भुला नहीं पा रही है।
गोसाईंगंज के अमेठी कस्बे के मुंशीगंज इलाके में रहने वाले विनोद कुमार ने सोमवार सुबह छह साल के बेटे श्याम सुंदर का गला तार से कस दिया था। बेटी मानवी की भी गला कसकर हत्या करने का प्रयास किया था, लेकिन वह बच निकली थी।
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आखिर में विनोद ने फांसी लगाकर जान दे दी थी। वारदात के बाद से मानवी बहुत डरी हुई थी। वह अपने ननिहाल चली गई थी। उसकी आंखों में खून जम गया है। देखने में उसको परेशानी होने लगी है।
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बुधवार को परिजन उसको लेकर सिविल अस्पताल पहुंचे। डॉक्टरों ने शुरुआती जांच के बाद बृहस्पतिवार को दोबारा बुलाया है। तब स्पष्ट होगा कि आखिर उसकी आंखों को कितना नुकसान हुआ है। उधर, मानवी वारदात से इतना अधिक सहमी है कि दहशत भरे पल वह भुला नहीं पा रही है।
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गोसाईंगंज के अमेठी कस्बे के मुंशीगंज इलाके में रहने वाले विनोद कुमार ने सोमवार सुबह छह साल के बेटे श्याम सुंदर का गला तार से कस दिया था। बेटी मानवी की भी गला कसकर हत्या करने का प्रयास किया था, लेकिन वह बच निकली थी।
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आखिर में विनोद ने फांसी लगाकर जान दे दी थी। वारदात के बाद से मानवी बहुत डरी हुई थी। वह अपने ननिहाल चली गई थी। उसकी आंखों में खून जम गया है। देखने में उसको परेशानी होने लगी है।
लिहाजा परिजनों ने उसको सिविल अस्पताल में दिखाया, जहां डॉक्टरों ने बताया कि मानवी का गला बहुत ताकत से कसा गया था। इस वजह से आंखों पर असर पड़ा है। चंद सेकंड और अगर गला कस जाता तो बचना मुश्किल हो जाता।
अकेले रहने तक से डर रही है मासूम
मानवी घटना के बाद अपने ननिहाल बाराबंकी के भिठौली कला, सतरिख में है। उसके मामा नीरज यादव ने बताया कि मानवी अकेले रहने से भी डर रही है। वारदात के बाद शुरूआती दो रातों में कई-कई बार अचानक सोते वक्त चौंकते हुए उठी। चीख-चीख कर रोने लगी। शांत कराकर बातचीत की गई तो कहने लगी कि सपने में पापा दिखे थे जो भाई को मार रहे थे।
मानवी घटना के बाद अपने ननिहाल बाराबंकी के भिठौली कला, सतरिख में है। उसके मामा नीरज यादव ने बताया कि मानवी अकेले रहने से भी डर रही है। वारदात के बाद शुरूआती दो रातों में कई-कई बार अचानक सोते वक्त चौंकते हुए उठी। चीख-चीख कर रोने लगी। शांत कराकर बातचीत की गई तो कहने लगी कि सपने में पापा दिखे थे जो भाई को मार रहे थे।
आपको बता दें कि लखनऊ के अमेठी कस्बे के मुंशीगंज इलाके में सोमवार सुबह सनसनीखेज वारदात हुई। एक पिता ने सो रहे छह साल के बेटे का तार से गला कसकर उसे मार दिया और फिर खुद फांसी लगा ली। इससे पहले जब उसकी आठ साल की बेटी भाई को बचाने का प्रयास कर रही थी तो उसकी भी गर्दन में तार लपेटकर कस दिया। गनीमत रही कि वह किसी तरह भाग निकली। पुलिस ने घटनास्थल से मिला सुसाइड नोट कब्जे में ले लिया है।
मुंशीगंज निवासी विनोद यादव (43) प्राइवेट वाहन चलाता था। उसकी पत्नी राधा की मौत हो चुकी है। वह घर पर बेटे श्याम सुंदर व बेटी मानवी के साथ रहता था। रविवार रात खाना खाने के बाद तीनों सो गए। इंस्पेक्टर दीपक पांडेय ने बताया कि सुबह करीब पांच बजे विनोद उठा और सो रहे बेटे का गला केबल से कस दिया। तभी मानवी की नींद खुल गई।
वह भाई को बचाने का प्रयास करने लगी तो उसकी गर्दन में भी तार लपेटकर कसने लगा। इस दौरान अचानक विनोद का हाथ छूटा तो मानवी भाग निकली। इसके बाद विनोद ने उसी केबल से फांसी लगा ली। मानवी जब चाचा व अन्य पड़ोसियों को बुलाकर लाई तो विनोद का शव फंदे पर लटकता मिला।