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उलेमा बोले, 'विश्वरूपम' के प्रदर्शन पर लगे पाबंदी
देवबंद/ब्यूरो
Updated Thu, 31 Jan 2013 09:42 AM IST
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फिल्म 'विश्वरूपम' में कथित तौर पर मुसलमानों की नकारात्मक भूमिका दिखाने को लेकर अब देवबंद भी इसके विरोध में खड़ा हो गया है। देवबंदी उलेमा ने निर्माता-निर्देशक कमल हासन की इस फिल्म पर ऐतराज जताते हुए सरकार से इसपर पाबंदी लगाने की मांग की है।
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साउथ के सुपरस्टार कमल हासन की फिल्म 'विश्वरूपम' में मुसलमानों को कई तरीके से देश के खिलाफ दिखाया गया है। फिल्म को रिलीज होने से रोकने के लिए कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन भी हो रहे हैं।
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फिल्म में मुस्लिम समुदाय को देश के खिलाफ दिखाए जाने पर मदरसा जामिया इमाम मो. अनवर शाह के वरिष्ठ मुफ्ती अरशद फारुखी ने कहा कि इस तरह की फिल्में देश में सांप्रदायिकता का जहर घोलने का काम करती हैं, इसलिए ऐसी फिल्मों पर सरकार को तुरंत पाबंदी लगानी चाहिए।
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अरबी के प्रसिद्ध विद्वान मौलाना नदीमुलवाजदी ने कहा कि किसी भी धर्म को लेकर इस तरह की विवादित फिल्म बनाना देश के लिए बेहतर नहीं है। दारुल उलूम वक्फ के वरिष्ठ उस्ताद और मदरसा जामिया तुल अनवरिया के मोहतमिम मौलाना नसीम अख्तर शाह कैसर ने भी फिल्म पर रोक लगाने की मांग की है।
सकारात्मक फिल्मों का निर्माण करें
फिल्म समीक्षक कमल देवबंदी ने भी कमल हासन की फिल्म 'विश्वरूपम' पर कड़ा विरोध जताया है। देवबंदी का कहना है कि अभिव्यक्ति का अधिकार सबको है, लेकिन दूसरों की धार्मिक भावनाओं को आहत करने से बचना चाहिए। कमल हासन देश के सर्वश्रेष्ठ कलाकार और निर्माता निर्देशक हैं, इसलिए उन्हें नकारात्मक नहीं बल्कि सकारात्मक संदेश देने वाली फिल्मों का निर्माण करना चाहिए।