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सीएम योगी के गढ़ में हिंसक हुए शिक्षामित्र, वाहनों में तोड़फोड़, पुलिस का लाठी चार्ज

Thu, 27 Jul 2017 09:00 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, गोरखपुर
ब्यूरो/ अमर उजाला, गोरखपुर Updated Thu, 27 Jul 2017 09:00 PM IST
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Violent Education in Gorakhpur Education Movement, Shiksha Mitra's Demolition in Vehicles
शिक्षामित्र
समायोजन रद्द किए जाने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद शुरू हुआ शिक्षामित्रों का आंदोलन बृहस्पतिवार को उग्र व हिंसक हो उठा। गोरखपुर व आसपास के जिलों में इसका व्यापक असर देखने को मिला। गोरखपुर, बस्ती, देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज, संतकबीरनगर और सिद्धार्थनगर में कहीं स्कूल बंद कराए गए तो कहीं सड़कों पर जाम जगा कर आवागमन अवरुद्ध कर दिया गया। 
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गोरखपुर में हुए लाठी चार्ज में कई शिक्षामित्रों का सिर फूट गया। पुलिस को चकमा देकर एकत्रित हुए शिक्षामित्रों के आंदोलन से तकरीबन पूरा शहर दिनभर ठप रहा। प्रदर्शनकारियों ने निजी वाहनों को निशाना बनाया और वाहन चालकों सहित कई लोगों को मारापीटा। शिक्षामित्रों के उत्पात के आगे पुलिस लाचार दिखी। हालांकि बाद में पुलिस-प्रशासन की ओर से सख्ती देखने को मिली और लाठी चार्ज किया गया, जिसमें कई शिक्षामित्रों का सिर फूटा। कई शिक्षामित्रों को हिरासत में लेकर, केस भी दर्ज किया गया है। 
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उधर बस्ती में करीब दो हजार शिक्षा मित्रों ने सुबह बीएसए कार्यालय पहुंच कर उग्र प्रदर्शन किया। प्रदर्शन और नारेबाजी के दौरान उन्हें पुलिस घेरे रही। बाद में प्रदर्शनकारी कमिश्नर कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने मुख्यमंत्री और स्थानीय सांसद के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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देवरिया में शिक्षा मित्रों के आंदोलन के चलते समायोजित शिक्षकों की कमी से पठन-पाठन कार्य प्रभावित रहा। कई प्राथमिक विद्यालयों में एक-एक शिक्षक ही स्कूल चलाते दिखे। आंदोलन को देखते हुए सुरक्षा कड़े इंतजाम रहे। बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन और बीएसए कार्यालय पर सख्त चेकिंग देखने को मिली।

कुशीनगर में आंदोलनरत शिक्षा मित्रों ने कई जगह जबरन स्कूलों को बंद करा दिया। अधिकांश शिक्षा मित्र स्कूल नहीं गए। हाटा क्षेत्र में डीएम ने दो स्कूलों की जांच की, जहां शिक्षा मित्र अनुपस्थित मिले।

महराजगंज में शिक्षा मित्रों के आक्रोश को देखते हुए बीएसए दफ्तर पर सुरक्षा सुबह से ही बढ़ा दी गई। बीएसए कार्यालय परिसर में गेट पर बड़ी संख्या में पुलिस कर्मी मौजूद रहे। बवाल की आशंका को देखते हुए सुरक्षा के मुकम्मल इंतजाम किए गए।

संतकबीरनगर में शिक्षा मित्र धरने पर बैठे। इनका धरना करीब पांच घंटे तक चला। बाद में एसडीएम के आश्वासन पर वह माने। शिक्षामित्रों ने बीएसए कार्यालय में हुई तोड़फोड़ में शामिल होने से इंकार किया। आंदोलन को लेकर हाइवे पर पुलिस मुस्तैद रही।

सिद्धार्थनगर में भी शिक्षामित्रों ने बीएसए दफ्तर पर धरना दिया। उन्होंने सरकार से सेवा नियमावली में संशोधन कर समायोजन करने की मांग की। धरने में शिक्षामित्रों के साथ ही प्राथमिक शिक्षक, पंचायत मित्र सहित कई संगठन भी शामिल हुए। शिक्षामित्रों ने चेतावनी दी कि सरकार की ओर से समुचित फैसला होने तक वह आंदोलन जारी रखेंगे। मौके पर पहुंचे डीएम ने शिक्षामित्रों की मांगों को शासन तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।

Violent Education in Gorakhpur Education Movement, Shiksha Mitra's Demolition in Vehicles
फाइल

वाहनों में तोड़फोड़, राहगीरों को पीटा
गोरखपुर में सड़कों पर उतरे शिक्षामित्रों के गुस्से का शिकार आम लोगों को भी होना पड़ा। गोरखनाथ मंदिर की ओर जाने की कोशिश कर रहे शिक्षामित्रों ने बसों में तोड़फोड़ की और राहगीरों को पीटा। शिक्षामित्रों को उग्र होता देखकर कई राहगीर भागकर दुकानों में छिप गए। दहशत में आकर तमाम व्यापारियों ने दुकानों को बंद कर दीं और कुछ समय  तक मुख्य बाजार में सन्नाटा फैला रहा। 

नगर निगम पार्क से निकलकर सड़कों पहुंचते ही शिक्षामित्र बेकाबू हो गए। राहगीरों को धक्का मारते हुए मारपीट शुरू कर दी और फिर गोरखनाथ मंदिर जाने के लिए सड़कों पर दौड़ पड़े। इस दौरान भारी पुलिस बल की मौजूदगी भी नाकाफी नजर आई।

उधर, पंत पार्क से निकले शिक्षामित्रों ने पहले रोडवेज की बस में तोड़फोड़ की फिर परिवहन विभाग दफ्तर के सामने भाजपा का झंडा लगे एक निजी वाहन को तोड़ दिया। जैसे तैसे पुलिस ने राहगीरों को बचाया। स्कूल से छूटे कई बच्चों के अभिभावक भी शिक्षामित्रों के गुस्से का शिकार हुए। गोलघर में भी दहशत में कई व्यापारियों ने दुकानें बंद कर लीं।

एहतियातन पुलिस ने भी बंद कराई दुकानें
शिक्षामित्रों को उग्र होता देख पुलिस ने भी एहतियातन दुकानों को बंद करा दिया। धर्मशाला बाजार स्थित पेट्रोल पंप को भी बंद करा दिया गया। दोपहर बाद पूरा मामला शांत होने पर ही दुकानें खोली गईं। वहीं लाठीचार्ज के बाद कई दुकानों में छिपी महिलाओं को खोजकर पुलिस ने हिरासत में लिया।


काली मंदिर के पास दारोगा को पीटा

गोरखपुर में धर्मशाला पर लाठीचार्ज होने के बाद शिक्षामित्र बेकाबू हो गए। करीब दो सौ की संख्या में शिक्षामित्र सीओ कैट ऑफिस के बाहर सड़क पर बैठ गए और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। घेराबंदी करने वाले शिक्षा मित्र किसी को रास्ते से जाने नहीं दे रहे थे। गणेश चौराहे की तरफ आने वाले बाइक और कार सवार लोगों के साथ कई बार मारपीट हुई। इसी दौरान बाइक लेकर गणेश चौराहे की तरफ जा रहे दरोगा पर शिक्षामित्र टूट पड़े और दरोगा की पिटाई कर दी। बाइक लेकर दरोगा भागने लगे। अफरातफरी के बीच साथी पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और दरोगा को मशक्कत के बाद छुड़ाया। नाराज शिक्षामित्रों का गुस्सा यहीं नहीं शांत हुआ। तोड़फोड़ के बाद जब उन्होंने खड़ी बस में आग लगाने की बात कहीं तो पुलिस सर्तक हो गई और गोरखपुर डिपो की बस को हटाया गया।
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