धर्मेंद्र ने बढ़ाई बसंती की टेंशन, मथुरावाले बने गब्बर!
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पुराने वक्त में फिल्मी दुनिया के दिग्गज हीरो रहे धर्मेंद्र की गैरमौजूदगी इन दिनों चर्चा का विषय बन गई है। अपनी पत्नी और भाजपा के टिकट पर सांसद का चुनाव लड़ रहीं हेमामालिनी के लिए प्रचार पर नहीं पहुंचने की वजह से मथुरा के लोग धर्मेंद्र से कुछ खफा हो गए हैं।
इस लोकसभा क्षेत्र में अब बसंती-वीरू के दीवानों ने हेमामालिनी-धर्मेंद के बीच आपसी रिश्तों को लेकर सवाल उठाना शुरू कर दिया है। एक वोटर ने कहा, "जो अपना घर नहीं संभाल सकती, वो मथुरा क्या संभालेगी?"
क्या वोट पर भी पड़ेगा असर?
मथुरा के एक निजी बैंक में काम करने वाले कर्मचारी ने कहा कि वो धर्मेंद और हेमामालिनी को एकसाथ देखने को लेकर काफी उत्साहित था, लेकिन अब तक तो ऐसा कुछ हुआ नहीं है।
उन्होंने कहा, "उन्होंने कई जनसभाओं में यह वादा किया है कि धर्मेंद जल्द ही मथुरा आएंगे। उनकी बेटी ईशा ने भी कहा था कि चुनाव प्रचार के अंतिम दौर में उनके पिता यहां जरूर आएंगे। उन्होंने हमे धोखा दिया है। अब मैं उन्हें वोट नहीं दूंगा।"
बेटी आईं, पर धर्मेंद नहीं
नैंसी गुप्ता का कहना है कि हेमामालिनी ने कहा था कि अगर उनका पूरा परिवार एक साथ चुनाव प्रचार कर रहा है और यह देखकर उन्हें काफी खुशी है। उन्होंने कहा, "क्या अहाना और ईशा उनका परिवार है?"
मथुरा से आम आदमी पार्टी के नेता अनुज गर्ग ने कहा कि मतदाता हेमामालिनी को छोड़ेंगे नहीं, क्योंकि उन्होंने मथुरा की जनता से पहले ही झूठ बोल दिया है।
'झूठ बोल रही हैं हेमामालिनी'
गर्ग ने कहा, "उन्होंने अपने हलफनामे में शिक्षा को लेकर गलत जानकारी दी है। उन्होंने अपना नाम हेमामालिनी बताया है, जबकि उन्होंने धर्मेंद से शादी रचाने से पहले अपनी जाति और नाम बदल दिया था। अगर वो अपने धर्म को लेकर सच नहीं बोलती, तो जनता उन पर कैसे विश्वास करे।"
मथुरा से चुनावी मैदान में उतरे समाजवादी पार्टी के नेता चंदन सिंह ने कहा, "कई और नेताओं की तरह उन्हें भी लगता है कि वो मोदी लहर पर सवार होकर जीत तक पहुंच जाएंगी। ऐसे में धर्मेंद को बुलाने का क्या मतलब।"