{"_id":"59200ef64f1c1bd520f25b71","slug":"younger-brother-could-not-bear-the-shock-of-death-big-brother","type":"story","status":"publish","title_hn":"बड़े भाई की मौत का सदमा बर्दास्त नहीं कर सका छोटा भाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बड़े भाई की मौत का सदमा बर्दास्त नहीं कर सका छोटा भाई
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
Updated Sat, 20 May 2017 03:10 PM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो
- फोटो : self
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जौनपुर के सुतौली श्मशान घाट पर शुक्रवार को दो सगे भाइयों का शव एक ही चिता पर रखकर जलाया गया। बडे़ भाई की मौत का सदमा छोटा भाई बर्दाश्त नहीं कर सका। दोनों शव जब एक ही चिता पर जले तो मौजूद लोग भी सिसक पड़े। जबकि दोनों भाइयों के अगाध प्रेम की चर्चा भी लोगों की जुबान पर रही।
विज्ञापन
तिघरा गाँव निवासी मिठाई लाल अग्रहरि 73 वर्ष का गुरुवार की रात 11 बजे निधन हो गया। परिजन दूसरे दिन अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे। इसकी खबर लखनऊ में कुछ दिनों से रह रहे उनके सगे छोटे भाई संतलाल 70 वर्ष को हुई तो वे भाई की मौत का सदमा बर्दाश्त नही कर सके।
विज्ञापन
खबर मिलते ही वे बेहोश हो गए। परिजन उन्हें लखनऊ के एक निजी अस्पताल में ले गए । जहां भोर में उन्होंने भी दम तोड़ दिया। उनका भी शव घर लाया गया। दोनों का जीवन पर्यन्त आपसी लगाव को देख परिजनों ने दोनों शव को एक ही चिता पर रख अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया।
विज्ञापन
श्मशान घाट पर जब दोनों भाइयों का शव एक ही चिता पर रख मुखाग्नि दी गई तो वहां मौजूद लोग भी अपने आंसू नहीं रोक सके।