लोकप्रिय और ट्रेंडिंग टॉपिक्स

Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bhadohi News ›   vinay duey father said his son falling victim to politics on mobilizing in bandra in mumbai lockdown

इंजीनियर बनते-बनते समाज का विलेन बन गया विनय; परिजन बोले- राजनीति का शिकार हो रहा बेटा

अमर उजाला नेटवर्क, भदोही Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Wed, 15 Apr 2020 04:33 PM IST
बांद्रा के पास जुटी बीड़ और विनय दुबे (डिजाइन फोटो)।
बांद्रा के पास जुटी बीड़ और विनय दुबे (डिजाइन फोटो)। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

मुंबई के बांद्रा में भीड़ जुटाने के आरोपी विनय दुबे के पिता ने कहा कि उनका बेटा राजनीति का शिकार हो रहा है। परिजनों का कहना है कि बांद्रा में जुटी भीड़ से उसका कोई लेना-देना नहीं है। अमर उजाला ने मुंबई में विनय के पिता जटाशंकर से संपर्क साधा तो उन्होंने फोन अपने दूसरे बेटे निर्भय को दे दिया।



निर्भय ने कहा कि हमारे भाई को राजनीति का शिकार बना दिया गया है। उन्होंने जो पोस्ट की थी, उसमें 18 अप्रैल को पैदल निकलने की बात कही थी, जबकि यह भीड़ 15 को ही एकत्र हो गई। इससे उनका कोई लेना-देना नहीं है। बाद की पोस्ट को भी अगर देखा जाए तो वह पोस्ट शाम के चार बजे की गई है, जबकि बांद्रा में भीड़ सुबह 10 बजे से ही लगनी शुरू हो गई थी। उनके साथ राजनीति हो रही है।




भदोही जिले के औराई क्षेत्र के हरिनारायणपुर गांव निवासी जटाशंकर दुबे मुंबई में ऑटो चलाते हैं। विनय दूबे अपने चार भाइयों में सबसे बड़ा है। विनय की पैदाइश और पढ़ाई मुंबई में ही हुई है। चार भाइयों में सबसे बड़ा विनय मुंबई से बीई कर रहा था, लेकिन प्रथम वर्ष में फेल होने के कारण पढ़ाई छोड़कर समाजसेवा की ओर मुड़ गया। तीन छोटे भाई निर्भय, अभय और अजय माता-पिता के साथ मुंबई में ही रहते हैं और पढ़-लिखकर विभिन्न कंपनियों में जॉब करते हैं। ताऊ रविशंकर कहते हैं कि एक बार उसे समझाया था कि वह राजनीति वगैरह के चक्कर में न पड़े, लेकिन नहीं माना।

विनय के पिता ने कहा कि उनका बेटा कुछ समाज के लिए करना चाहता था। 2012 में वाराणसी शहर उत्तरी से विधानसभा का चुनाव एनसीपी के टिकट पर लड़ा था।

सफलता नहीं मिली तो पार्टी छोड़कर महाराष्ट्र में उत्तर भारतीय महापंचायत नाम से स्वयंसेवी संगठन बनाकर समाजसेवा में जुट गया। लेकिन, राजनीतिक से मोहभंग अब भी नहीं हुआ था। पिछले लोकसभा चुनाव में मुंबई के कल्याण सीट से निर्दलीय चुनाव मैदान में उतर गया, मगर फिर हार का सामना करना पड़ा।

इस बीच मुंबई में उत्तर भारतीयों की अगुवाई करने की हसरत को लॉकडाउन में मुफीद मौका मिल गया और वह सोशल नेटवर्किंग साइट्स फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सएप आदि के जरिए लंबे-चौड़े पोस्ट कर मुंबई में उत्तर भारतीयों की नुमाइंदगी करने की राह पर चल पड़ा। इस बीच उसके एक पोस्ट ने सोशल मीडिया पर खलबली मचा कर रख दी। आरोप है कि उसकी पोस्ट के कारण ही बड़ी तादाद में उत्तर भारतीय लोग बांद्रा में एकत्र हुए और लॉकडाउन तार-तार हो गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

एप में पढ़ें
जानिए अपना दैनिक राशिफल बेहतर अनुभव के साथ सिर्फ अमर उजाला एप पर
अभी नहीं

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00