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लाउडस्पीकर का इस्तेमाल करने के लिए बनारस में बस इतने धार्मिक स्थलों ने ली अनुमति
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,वाराणसी
Updated Tue, 16 Jan 2018 01:49 AM IST
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अंतिम तिथि बीती, 400 ने ही ली अनुमति
- फोटो : demo
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लाउडस्पीकर का इस्तेमाल करने के लिए वाराणसी में अब तक केवल 400 धार्मिक स्थलों ने ही अनुमति ली है। जबकि शहर में एक हजार से अधिक केवल मस्जिदें ही हैं। 15 जनवरी यानी सोमवार को अनुमति लेने का अंतिम दिन था। धार्मिक स्थलों के जिम्मेदार अनुमति न ले पाने की अपनी वजहें और परेशानियां गिना रहे हैं। ऐसे में उनकी ओर से लगातार अनुमति लेने की निर्धारित तिथि को बढ़ाए जाने की मांग की जा रही है।
सोमवार को अनुमति लेने की अंतिम तिथि बीत गई है और अंतिम दिन में करीब 400 ने ही अनुमति ली है। फिलहाल देखने वाली बात ये है कि प्रशासन की ओर से अनुमति लेने की अंतिम तिथि बढ़ाई जाती है या नहीं।
उधर, जमीअत उलेमा जिला बनारस की ओर से मस्जिदों के जिम्मेदारों व मुतवल्लियों का पूरा सहयोग किया जा रहा है। उनके फार्म भी भरवाने में मदद की जा रही है।
जमीअत उलेमा जिला बनारस के अब्दुल्ला फैसल का कहना है कि अनुमति की अंतिम तिथि बढ़ाई जानी चाहिए। मुफ्ती-ए-शहर मौलाना बातिन नोमानी ने भी प्रशासन से अपील की है कि तिथि 30 जनवरी तक की जानी चाहिए।
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वहीं पातालपुरी मठ के महंत बालक दास महाराज का कहना है कि शासन और प्रशासन के आदेश का पूर्णतया पालन किया जाएगा। बस शर्त एक ही है कि कार्रवाई एकतरफा नहीं होनी चाहिए। प्रशासन ने अगर एकतरफा कार्रवाई की तो हम लोग आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
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सोमवार को अनुमति लेने की अंतिम तिथि बीत गई है और अंतिम दिन में करीब 400 ने ही अनुमति ली है। फिलहाल देखने वाली बात ये है कि प्रशासन की ओर से अनुमति लेने की अंतिम तिथि बढ़ाई जाती है या नहीं।
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उधर, जमीअत उलेमा जिला बनारस की ओर से मस्जिदों के जिम्मेदारों व मुतवल्लियों का पूरा सहयोग किया जा रहा है। उनके फार्म भी भरवाने में मदद की जा रही है।
जमीअत उलेमा जिला बनारस के अब्दुल्ला फैसल का कहना है कि अनुमति की अंतिम तिथि बढ़ाई जानी चाहिए। मुफ्ती-ए-शहर मौलाना बातिन नोमानी ने भी प्रशासन से अपील की है कि तिथि 30 जनवरी तक की जानी चाहिए।
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वहीं पातालपुरी मठ के महंत बालक दास महाराज का कहना है कि शासन और प्रशासन के आदेश का पूर्णतया पालन किया जाएगा। बस शर्त एक ही है कि कार्रवाई एकतरफा नहीं होनी चाहिए। प्रशासन ने अगर एकतरफा कार्रवाई की तो हम लोग आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।