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बनारस की सड़कों के धंसने के पीछे यह कारण आया सामने, समस्या का नहीं खोजा गया हल तो बन जाएगा नासूर
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Tue, 24 Jul 2018 12:04 PM IST
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धंसी सड़क
- फोटो : अमर उजाला
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जब से बारिश शुरू हुई है तब से बनारस शहर में कहीं न कहीं से सड़क धंसने की खबर आ ही जाती है। अभी तो बारिश की शुरुआत है, अगर और बारिश हुई तो कई इलाकों की सड़कें खराब हो जाएंगी। सड़कों के धंसने के चलते जलभराव और गंदगी का अंबार लग गया है।
शहर में लटकते तारों को देखते हुए आईपीडीएस योजना के तहत केबल को भूमिगत करने की योजना बनाई गई थी। योजना तहत काम शुरू तो हुआ लेकिन लापरवाही के साथ, जिसका खमियाजा बारिश में भुगतना पड़ रहा है।
पुरानी काशी में आईपीडीएस योजना में भूमिगत की गई केबल शहर की सड़कों के लिए मुसीबत बन गई है। तारों को भूमिगत करने में हुई लापरवाही के चलते बारिश में सड़कें जगह-जगह धंस रही हैं। मानक के अनुरूप केबल डालने के लिए खुदाई और बाद में उसका सही भराव नहीं होने की वजह से भूमिगत केबल वाले इलाके की सड़कें लगातार धंस रही हैं।
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ऐसे में सड़कों की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। शहर में गंगा किनारे से दो किमी चौड़ाई और आठ किमी लंबाई में आईपीडीएस के तहत 572 करोड़ रुपये से भूमिगत केबल डाली गई है। यह कार्य पूरा भी हो गया है, लेकिन इस केबल को डालने में मानकों की अनदेखी की गई है।
ऐसे में जहां बारिश के बाद केबल सड़कों के किनारे दिखने लगी हैं वहीं सड़कें लगातार धंस रही हैं। ऐसे में धीरे-धीरे भूमिगत केबल योजना लोगों के लिए दुर्घटना का कारण बनती जा रही हैं।
अगर इस समस्या का हल नहीं खोजा गया तो आने वाले समय में यह लोगों के लिए नासूर बन सकती है। बारिश के बाद नरिया, नगंवा, रविन्द्रपुरी, अस्सी, लंका, सोनिया, रथयात्रा, सिगरा चौराहा, मैदागिन, मच्छोदरी, चौक, कोनिया सहित कई कई इलाके हैं, जहां सड़कें धंस रही है।
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शहर में लटकते तारों को देखते हुए आईपीडीएस योजना के तहत केबल को भूमिगत करने की योजना बनाई गई थी। योजना तहत काम शुरू तो हुआ लेकिन लापरवाही के साथ, जिसका खमियाजा बारिश में भुगतना पड़ रहा है।
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पुरानी काशी में आईपीडीएस योजना में भूमिगत की गई केबल शहर की सड़कों के लिए मुसीबत बन गई है। तारों को भूमिगत करने में हुई लापरवाही के चलते बारिश में सड़कें जगह-जगह धंस रही हैं। मानक के अनुरूप केबल डालने के लिए खुदाई और बाद में उसका सही भराव नहीं होने की वजह से भूमिगत केबल वाले इलाके की सड़कें लगातार धंस रही हैं।
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ऐसे में सड़कों की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। शहर में गंगा किनारे से दो किमी चौड़ाई और आठ किमी लंबाई में आईपीडीएस के तहत 572 करोड़ रुपये से भूमिगत केबल डाली गई है। यह कार्य पूरा भी हो गया है, लेकिन इस केबल को डालने में मानकों की अनदेखी की गई है।
ऐसे में जहां बारिश के बाद केबल सड़कों के किनारे दिखने लगी हैं वहीं सड़कें लगातार धंस रही हैं। ऐसे में धीरे-धीरे भूमिगत केबल योजना लोगों के लिए दुर्घटना का कारण बनती जा रही हैं।
अगर इस समस्या का हल नहीं खोजा गया तो आने वाले समय में यह लोगों के लिए नासूर बन सकती है। बारिश के बाद नरिया, नगंवा, रविन्द्रपुरी, अस्सी, लंका, सोनिया, रथयात्रा, सिगरा चौराहा, मैदागिन, मच्छोदरी, चौक, कोनिया सहित कई कई इलाके हैं, जहां सड़कें धंस रही है।
हर स्तर पर की गई लापरवाही
सड़क धंसने से हो गया गड्ढा
- फोटो : अमर उजाला
आईपीडीएस में मानकों की अनदेखी हर स्तर पर की गई है। जिन-जिन इलाकों में केबल डाली गई है, वहां जमीन के नीचे जितनी खुदाई करके केबल डालनी चाहिए उतना नीचे नहीं डाला गया है, वहीं केबल डालने के बाद उसकी फीलिंग सही से नहीं की गई है। ऐसे में बारिश होते ही जमीन धंसती चली जा रही है, और केबलें दिखने लगी हैं।
कई इलाकों में तो यह इतनी खतरनाक स्थिति में हैं कि कभी भी कोई बड़ी घटना हो सकती है। बारिश के चलते, सड़कों के धंसने व जलभराव से सड़कों की सफाई नहीं हो पा रही है। ऐसे में शहर के कई इलाकों में कचरे का ढेर लग गया है। गंदगी की शिकायत कई पार्षदों और लागों ने की है। इसके बाद भी बारिश के चलते सफाई नहीं हो पा रही है।
कार्यकारिणी सदस्य रमजान अली ने बताया कि नगर निगम की सफाई व्यवस्था बेलगाम हो चुकी है। वार्डों में कर्मचारी आते ही नहीं हैं। इंस्पेक्टर और सुपरवाइजर को बताने के बाद भी कूड़ा नहीं उठता है।
नगर निगम के अधिशासी अभियंता लोकेश जैन का कहना है कि आईपीडीएस के काम के लिए खोदी गई सड़कों की फीलिंग सही से नहीं की गई है। ऐसे में ये सड़कें लगातार धंस रही हैं। इसकी जांच कराकर आईपीडीएस को नोटिस जारी किया जाएगा और इनसे पैसे लेकर इनकी मरम्मत कराई जाएगी।
कई इलाकों में तो यह इतनी खतरनाक स्थिति में हैं कि कभी भी कोई बड़ी घटना हो सकती है। बारिश के चलते, सड़कों के धंसने व जलभराव से सड़कों की सफाई नहीं हो पा रही है। ऐसे में शहर के कई इलाकों में कचरे का ढेर लग गया है। गंदगी की शिकायत कई पार्षदों और लागों ने की है। इसके बाद भी बारिश के चलते सफाई नहीं हो पा रही है।
कार्यकारिणी सदस्य रमजान अली ने बताया कि नगर निगम की सफाई व्यवस्था बेलगाम हो चुकी है। वार्डों में कर्मचारी आते ही नहीं हैं। इंस्पेक्टर और सुपरवाइजर को बताने के बाद भी कूड़ा नहीं उठता है।
नगर निगम के अधिशासी अभियंता लोकेश जैन का कहना है कि आईपीडीएस के काम के लिए खोदी गई सड़कों की फीलिंग सही से नहीं की गई है। ऐसे में ये सड़कें लगातार धंस रही हैं। इसकी जांच कराकर आईपीडीएस को नोटिस जारी किया जाएगा और इनसे पैसे लेकर इनकी मरम्मत कराई जाएगी।