{"_id":"595177704f1c1bb2338b48c6","slug":"varanasi-rathyatra-celebration","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"रथयात्रा में बही भक्ति भाव की गंगा, आनंद पथ पर उमड़ा सैलाब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रथयात्रा में बही भक्ति भाव की गंगा, आनंद पथ पर उमड़ा सैलाब
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Tue, 27 Jun 2017 02:36 AM IST
विज्ञापन
रथयात्रा
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भगवान जगन्नाथ के रथ के पहिये घुमाने, छूने और तुलसी दल अर्पित करने के लिए मंगलवार की शाम उमड़े सैलाब में रथयात्रा जाने वाली सड़क पैक हो गई। लयबद्ध भीड़ भक्तिभाव की गंगा की मानिंद हिलोरें मारती रही। भगवान के रथ के सारथी भक्त बने थे।
एक तरफ भगवान के रथ पर लतर की रोशनी में ध्वजा-पताका लहरा रही थी तो दूसरी ओर झूले-चर्खियों पर खुशियों का शोर था। बहुएं सासू मां की उंगलियां थामकर बढ़ती रहीं तो बच्चे पिता के कंधे पर सवार होकर मेले में छाए हजार रंगों पर इतरा रहे थे।
सैर-सपाटे पर निकले भगवान की शानो-शौकत का पूरा ख्याल रखा गया। लाल फूलों, लाल परिधानों से भगवान का शृंगार किया गया। बेला, गुलाब, रजनीगंधा के फूलों से रथ चुन-चुन कर सजाया गया।
विज्ञापन
राजभोग, रस मलाई, काजू की बर्फी के अलावा पकवानों का भोग लगा। आस्था की लालिमा उगते सूर्य की रश्मियों की तरह श्रद्धालुओं के चेहरे पर दमकती रही। इस्कॉन मंदिर की भजन मंडली किशोरी किशोर दास के नेतृत्व में चैतन्य महाप्रभु के भजनों पर थिरकती-झूमती रही। रात आठ बजे डमरूनाद के साथ आरती उतारी गई तो सेल्फी लेने की होड़ मच गई।
काशिराज डॉ. अनंत नारायण ने की रथ की पूजा, गूंजे जयकारे
वाराणसी। काशिराज डॉ. अनंत नारायण सिंह ने सुबह की सुबह रथयात्रा पहुंचकर भगवान जगन्नाथ के रथ की पूजा की। उन्होंने रथ का स्पर्श करने के साथ ही तुलसी दल और प्रसाद अर्पित किया। इस दौरान जय जगन्नाथ और हर हर महादेव के गगनभेदी जयकारे गूंज रहे थे। काशिराज श्रद्धालुओं का अभिवादन करते बढ़ रहे थे।
विज्ञापन
एक तरफ भगवान के रथ पर लतर की रोशनी में ध्वजा-पताका लहरा रही थी तो दूसरी ओर झूले-चर्खियों पर खुशियों का शोर था। बहुएं सासू मां की उंगलियां थामकर बढ़ती रहीं तो बच्चे पिता के कंधे पर सवार होकर मेले में छाए हजार रंगों पर इतरा रहे थे।
विज्ञापन
सैर-सपाटे पर निकले भगवान की शानो-शौकत का पूरा ख्याल रखा गया। लाल फूलों, लाल परिधानों से भगवान का शृंगार किया गया। बेला, गुलाब, रजनीगंधा के फूलों से रथ चुन-चुन कर सजाया गया।
विज्ञापन
राजभोग, रस मलाई, काजू की बर्फी के अलावा पकवानों का भोग लगा। आस्था की लालिमा उगते सूर्य की रश्मियों की तरह श्रद्धालुओं के चेहरे पर दमकती रही। इस्कॉन मंदिर की भजन मंडली किशोरी किशोर दास के नेतृत्व में चैतन्य महाप्रभु के भजनों पर थिरकती-झूमती रही। रात आठ बजे डमरूनाद के साथ आरती उतारी गई तो सेल्फी लेने की होड़ मच गई।
काशिराज डॉ. अनंत नारायण ने की रथ की पूजा, गूंजे जयकारे
वाराणसी। काशिराज डॉ. अनंत नारायण सिंह ने सुबह की सुबह रथयात्रा पहुंचकर भगवान जगन्नाथ के रथ की पूजा की। उन्होंने रथ का स्पर्श करने के साथ ही तुलसी दल और प्रसाद अर्पित किया। इस दौरान जय जगन्नाथ और हर हर महादेव के गगनभेदी जयकारे गूंज रहे थे। काशिराज श्रद्धालुओं का अभिवादन करते बढ़ रहे थे।
सात समंदर पार तक रथयात्रा की छटा
सात समंदर पार से विदेशी भी रथयात्रा मेले में
- फोटो : अमर उजाला
सात समंदर पार से विदेशी भी रथयात्रा मेले में बनारसी चाट और गोलगप्पे के चटपटे स्वाद का लुत्फ उठाने पहुंचे। मेले में पूरा बनारस इकट्ठा देखने का अलग आनंद था। हर जरूरत की वस्तुएं मेले में सड़कों की पटरियों पर ध्यान खींचतीं रहीं। अर्जेंटीना से फ्रैंक अपने मित्रों के साथ मेला देखने आए तो कोलंबिया से आई सारा मेला देख मुग्ध हो उठीं। सारा का कहना था कि ऐसा खूबसूरत नजारा और समूहबद्ध होकर खुशियां बांटते एक साथ लोगों को दुनिया भर में उन्होंने पहले कभी नहीं देखा था।