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Varanasi: सुबह और शाम को स्वच्छता का संदेश, दोपहर में गंगा में बहाते हैं गंदगी; जुर्माना का बोर्ड सिर्फ दिखावा
Thu, 29 Feb 2024 08:44 AM IST
वाराणसी ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 29 Feb 2024 08:44 AM IST
सार
काशी के घाटों पर शाम- सुबह आरती के जरिये गंगा निर्मलीकरण का संदेश दिया जाता है। वहीं घाट किनारे बनी समितियां दोपहर में पाइप से घाटों को धोने के नाम पर गंदगी गंगा में बहा रही हैं। यही नहीं यहां धड़ल्ले से साबुन, शैंपू आदि का इस्तेमाल भी किया जा रहा है।
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varanasi news
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
गंगा को निर्मल और स्वच्छ बनाने के दावे हकीकत से कोसों दूर हैं। घाट किनारे बनी समितियां यूं तो सुबह-शाम आरती के जरिये गंगा निर्मलीकरण का संदेश देती हैं। वहीं, खुद पाइप से घाटों को धोने के नाम पर गंगा में गंदगी बहा रही हैं। रोजाना दोपहर 12 से 3 के बीच घाटों पर ये नजारा आम है।
दशाश्वमेध, शीतला, अस्सी आदि घाटों पर पाइप से घाटों की सफाई कर कूड़ा गंगा में बहा दिया जा रहा है। गंदगी की वजह से स्नान करने वालों को परेशानी हो रही है। वहीं, लोग भी साबुन, शैंपू आदि का धड़ल्ले से इस्तेमाल कर रहे हैं। जुर्माना का बोर्ड और प्रावधान बस दिखावा साबित हो रहे हैं।
डस्टबिन लगे होने के बावजूद लोग निर्माल्य के नाम पर कचरा फेंककर जा रहे हैं। इसकी शिकायत अधिकारियों से की गई, लेकिन ध्यान नहीं दिया जा रहा है। यही वजह है कि सिंधिया, बालाजी, रामघाट, गंगा महल घाट पर गंगा का पानी काला है। दूषित जल में लोग धार्मिक कार्य करने से कतरा रहे हैं।
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अधिकारी बोले
गंगा घाट की समितियों के साथ बैठक कर बेहतर रणनीति तैयार की जाएगी। कोशिश होगी कि समितियों के सहयोग से गंगा और घाटों को और बेहतर किया जाए। -डॉ. प्रदीप कुमार, नगर स्वास्थ्य अधिकारी
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दशाश्वमेध, शीतला, अस्सी आदि घाटों पर पाइप से घाटों की सफाई कर कूड़ा गंगा में बहा दिया जा रहा है। गंदगी की वजह से स्नान करने वालों को परेशानी हो रही है। वहीं, लोग भी साबुन, शैंपू आदि का धड़ल्ले से इस्तेमाल कर रहे हैं। जुर्माना का बोर्ड और प्रावधान बस दिखावा साबित हो रहे हैं।
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डस्टबिन लगे होने के बावजूद लोग निर्माल्य के नाम पर कचरा फेंककर जा रहे हैं। इसकी शिकायत अधिकारियों से की गई, लेकिन ध्यान नहीं दिया जा रहा है। यही वजह है कि सिंधिया, बालाजी, रामघाट, गंगा महल घाट पर गंगा का पानी काला है। दूषित जल में लोग धार्मिक कार्य करने से कतरा रहे हैं।
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अधिकारी बोले
गंगा घाट की समितियों के साथ बैठक कर बेहतर रणनीति तैयार की जाएगी। कोशिश होगी कि समितियों के सहयोग से गंगा और घाटों को और बेहतर किया जाए। -डॉ. प्रदीप कुमार, नगर स्वास्थ्य अधिकारी