वाराणसी: मतदेय स्थलों के निर्धारण पर राजनीतिक दलों के साथ बैठक, आज भेजी जाएगी सूची; डीएम ने दिए निर्देश
मतदेय स्थलों के निर्धारण को लेकर जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। उन्होंने निर्देश दिया कि मतदेय स्थल दो किलोमीटर की परिधि में बनाए जाने पर जोर दिया जाए, ताकि मतदाताओं को सुविधा हो। बैठक में स्थलों के निर्धारण पर चर्चा हुई। निर्धारित मतदेय स्थलों की सूची मंगलवार को भेजी जाएगी।
विस्तार
जिले में मतदेय स्थलों के नए सिरे से निर्धारण की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है। निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार आगामी विधानसभा चुनाव में हर मतदेय स्थल पर अधिकतम 1200 मतदाता रहेंगे। इसमें दो किलोमीटर की भौगोलिक परिधि का ध्यान रखा जा रहा है।
सोमवार को जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार की अध्यक्षता में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई। इस दाैरान आपत्तियों और सुझावों के निस्तारण के बाद सूची मंगलवार को मुख्य निर्वाचन कार्यालय भेजी जाएगी।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी प्रशासन ने बताया कि निर्वाचन आयोग के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मतदेय स्थलों की प्रारूप सूची प्रकाशित कराकर राजनीतिक दलों को उपलब्ध करा दी गई थी। प्राप्त आपत्तियों और सुझावों के निस्तारण के बाद 27 अक्तूबर यानी मंगलवार को अंतिम सूची मुख्य निर्वाचन कार्यालय भेजी जाएगी।
निर्देश जारी
मतदाता सूची के लिए निर्धारित मानक पूरे किए जाएंगे। इसकी जानकारी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को दी गई है। प्रतिनिधियों से मिले सुझाव का अध्ययन किया जाएगा। जो सुझाव उपयोगी होंगे, उसे शामिल भी किया जाएगा। यह प्रक्रिया मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन तक चलती रहेगी।
बैठक में सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, भारतीय जनता पार्टी, अपना दल (एस), कांग्रेस तथा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
18 वर्ष पूरे करने वाले नागरिक मतदाता सूची में जुड़वाएं नाम
जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने कहा कि एक जनवरी 2027 को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में शामिल कराए जाएं। इसके साथ ही ऐसे पात्र नागरिकों के नाम भी जोड़ने की प्रक्रिया पूरी की जाए, जो अब तक सूची में शामिल नहीं हो सके हैं। इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत फाॅर्म-6 भरवाने पर जोर दिया गया। उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से मतदाता सूची को पारदर्शी और अद्यतन बनाने में सहयोग की अपेक्षा की। साथ ही, मतदाताओं की सुविधा के लिए मतदेय स्थलों की व्यवस्था सुगम बनाने पर जोर दिया।