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बनारस के किसानों ने पीएम मोदी को खून से लिखा पत्र, मांग रहे अपना हक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Mon, 02 Apr 2018 11:02 AM IST
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खून से लिखा गया पत्र
- फोटो : अमर उजाला
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वाराणसी के किसानों ने अपने सांसद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खून से पत्र लिखा है। किसान नौ अप्रैल को इस पत्र को प्रधानमंत्री के संसदीय कार्यालय में सौंपेंगे।
रोहनिया के बैरवन मोहनसराय में उत्तर प्रदेश किसान खेत मजदूर कांग्रेस के प्रदेश संयोजक विनय शंकर राय ‘मुन्ना’ की अध्यक्षता में किसानों ने रविवार को प्रधानमंत्री मोदी को खून से पत्र लिखकर अपना हक मांगा। किसानों की मांग है कि मोहन सराय ट्रांसपोर्ट नगर योजना के प्रभावित किसानों का नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज किया जाए।
किसान नेता विनय शंकर राय ने कहा कि मोहनसराय ट्रांसपोर्ट नगर योजना से प्रभावित बैरवन, मोहनसराय, करनाडाडी व मिल्कीचक के 1192 किसानों का नाम सरकार ने 2003 में ही राजस्व अभिलेखों से बिना किसानों की सहमति के काटकर उसके स्थान पर वाराणसी विकास प्राधिकरण का नाम दर्ज कर दिया। जिससे किसान सरकारी योजनाओं से वंचित हो गए हैं।
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रोहनिया के बैरवन मोहनसराय में उत्तर प्रदेश किसान खेत मजदूर कांग्रेस के प्रदेश संयोजक विनय शंकर राय ‘मुन्ना’ की अध्यक्षता में किसानों ने रविवार को प्रधानमंत्री मोदी को खून से पत्र लिखकर अपना हक मांगा। किसानों की मांग है कि मोहन सराय ट्रांसपोर्ट नगर योजना के प्रभावित किसानों का नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज किया जाए।
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किसान नेता विनय शंकर राय ने कहा कि मोहनसराय ट्रांसपोर्ट नगर योजना से प्रभावित बैरवन, मोहनसराय, करनाडाडी व मिल्कीचक के 1192 किसानों का नाम सरकार ने 2003 में ही राजस्व अभिलेखों से बिना किसानों की सहमति के काटकर उसके स्थान पर वाराणसी विकास प्राधिकरण का नाम दर्ज कर दिया। जिससे किसान सरकारी योजनाओं से वंचित हो गए हैं।
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सरकारी योजनाओं से हो गए वंचित
पीएम मोदी
- फोटो : file photo
उनका कहना है कि प्रभावित किसान खाद, बीज, कृषि लोन इत्यादि सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं पा रहे हैं। किसानों के गुहार लगाने के बाद भी इस पर कोई पहल नहीं हुई।
अब परेशान होकर किसान खून से खत लिखकर अपने सांसद और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक अपनी आवाज पहुंचाने का प्रयास किया है। किसानों ने कहा कि अपनी जमीन को वैधानिक तरीके से वापस कराने के लिए जान भी देना पड़ा तो पीछे नहीं हटेंगे।
आठ अप्रैल तक प्रभावित किसानों से अभियान के तहत खत लिखवाकर नौ अप्रैल को प्रधानमंत्री के संसदीय कार्यालय में सौंपा जाएगा। अभियान की अध्यक्षता किसान संघर्ष समिति के संयोजक विनय शंकर राय मुन्ना ने किया और संचालन मेवा पटेल ने किया। इस मौके पर काफी किसानों ने खून से पीएम मोदी को पत्र लिखा।
अब परेशान होकर किसान खून से खत लिखकर अपने सांसद और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक अपनी आवाज पहुंचाने का प्रयास किया है। किसानों ने कहा कि अपनी जमीन को वैधानिक तरीके से वापस कराने के लिए जान भी देना पड़ा तो पीछे नहीं हटेंगे।
आठ अप्रैल तक प्रभावित किसानों से अभियान के तहत खत लिखवाकर नौ अप्रैल को प्रधानमंत्री के संसदीय कार्यालय में सौंपा जाएगा। अभियान की अध्यक्षता किसान संघर्ष समिति के संयोजक विनय शंकर राय मुन्ना ने किया और संचालन मेवा पटेल ने किया। इस मौके पर काफी किसानों ने खून से पीएम मोदी को पत्र लिखा।