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उत्तर पूर्वी राज्यों में कोरोना संक्रमण का अधिक खतरा, बीएचयू के वैज्ञानिकों के शोध में खुलासा
Sat, 09 Jan 2021 08:12 AM IST
वाराणसी ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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Published by: वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 09 Jan 2021 08:12 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : पीटीआई
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कोरोना संक्रमण का खतरा उत्तर पूर्वी राज्यों में रहने वाले आदिवासी लोगों में अधिक है। यह खुलासा आईएमएस बीएचयू और विज्ञान संस्थान के वैज्ञानिकों के शोध में हुआ है। शोधकर्ताओं ने सतर्क करते हुए कहा कि इन लोगों में अगर संक्रमण की पहचान कर समय से इलाज नहीं किया गया तो इनके संपर्क में रहने वालों का जीवन खतरे में भी पड़ सकता है। शोध के तहत आदिवासियों का ब्लड सैंपल लेकर इनका जीनोम टेस्ट कराया गया। जिसमें पता चला कि इनमें कोरोना संक्रमण की दर अधिक है।
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आईएमएस बीएचयू में एनॉटमी डिपार्टमेंट की प्रो. रोयाना सिंह, न्यूरोलॉजी से डॉ. अभिषेक पाठक, प्राणि विज्ञान विभाग के प्रो. ज्ञानेश्वर चौबे के निर्देशन में शोध कार्य किया गया। इसमें हैदराबाद, राजस्थान, यूएसए सहित अन्य जगहों के वैज्ञानिकों की टीम ने पूरा सहयोग किया।
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प्रो. ज्ञानेश्वर चौबे के मुताबिक, उत्तर पूर्वी राज्यों मेघालय, शिलांग, त्रिपुरा, मणिपुर, नागालैंड में रहने वाले करीब 1800 आदिवासी लोगों का पहले ही ब्लड सैंपल लेकर उनका जीनोम टेस्ट कराया गया। इनमें सैंपल की जांच तो हैदराबाद के लैब में हुई। इसकी रिपोर्ट आने के बाद बीएचयू में इसका अध्ययन किया गया।
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इसमें पाया गया कि अगर उक्त लोगों में से किसी को संक्रमण हुआ तो सामान्य लोगों की तुलना में इनमें संक्रमण बढ़ने की संभावना अधिक रहती है। उन्होंने बताया कि ब्राजील में दो महीने पहले ही इसी तरह के मामले सामने आए थे। शोध कार्य पूरा होने के बाद अब इसके प्रकाशन के लिए एक जर्नल्स में भेजा गया है।