फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Varanasi 6000 patients visited OPD 500 suffering from fever joint pain risk drop platelet count increased

वाराणसी: ओपीडी में पहुंचे 6000 मरीज, बुखार-जोड़ों में दर्द से 500 पीड़ित; प्लेटलेट्स कम होने का खतरा बढ़ा

Tue, 27 Oct 2026 01:02 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Aman Vishwakarma Updated Tue, 27 Oct 2026 01:02 PM IST
सार

ओपीडी में छह हजार मरीज पहुंचे, जिनमें करीब 500 बुखार और जोड़ों में दर्द से पीड़ित मिले। अस्पताल में फीवर हेल्प डेस्क पर स्वास्थ्यकर्मी प्रत्येक मरीज का ब्योरा जुटा रहे हैं। मौसमी बीमारियों के बीच प्लेटलेट्स कम होने का खतरा बढ़ने की आशंका है। स्वास्थ्य विभाग मरीजों की स्थिति पर नजर रख रहा है।

विज्ञापन
Varanasi 6000 patients visited OPD 500 suffering from fever joint pain risk drop platelet count increased
मंडलीय अस्पताल में बच्चे का इलाज करते चिकित्सक। - फोटो : संवाद

विस्तार

दिन में तेज धूप होने से गर्मी लग रही है तो सुबह और रात में ठंड लग रही है। तापमान में भी तेजी से उतार-चढ़ाव दिख रहा है। मौसम में बदलाव का असर सेहत पर पड़ने लगा है। इधर, सोमवार को सरकारी अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों पर ओपीडी में 6000 मरीज आए। इसमें 500 लोग मौसमी बीमारी से ग्रसित मिले। किसी को बुखार था तो कोई जोड़ों में दर्द से परेशान रहा। डॉक्टरों ने बदलते मौसम में सेहत के प्रति सतर्कता बरतने की सलाह दी है।

विज्ञापन


दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल, मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा, शास्त्री अस्पताल रामनगर, स्वामी विवेकानंद अस्पताल भेलूपुर सहित अन्य प्राथमिक, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर सोमवार को ओपीडी खुलते ही ओपीडी के पर्चा काउंटर पर लाइन लग गई। यहां के बाद लोग अंदर गए और डॉक्टर को दिखाया। अन्य ओपीडी की तुलना में फिजिशियन, चेस्ट फिजिशियन, बाल रोग विभाग की ओपीडी के साथ ही पैथोलॉजी, एक्सरे केंद्र पर भीड़ रही। लोग जांच करवाने के लिए बैठे रहे। 

विज्ञापन
Trending Videos

बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एके मौर्या के अनुसार, बच्चों के लिए मौसम ज्यादा सावधानी बरतने वाला होता है। उन्हें जरूरत के हिसाब से गर्म कपड़ा भी पहनाना चाहिए। जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. मनीष यादव ने बताया कि ओपीडी में आने वाले मरीजों में ज्यादातर बुखार, सर्दी, जुकाम और दर्द की समस्या लेकर आए। कुछ लोगों को चेस्ट एक्सरे, खून जांच कराने की सलाह दी गई।

मंगलपुर गांव में अक्तूबर में बुखार, जोड़ों में दर्द से चार लोगों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से तीन दिन तक विशेष अभियान चलाया गया। 150 लोगों के खून का सैंपल लेकर जांच कराई गई। 

विज्ञापन

बुखार में कम होता है प्लेटलेट्स घबराने की जरूरत नहीं
सीएमओ डॉ. एनपी सिंह का कहना है कि मौसम में बदलाव से ही बुखार, जोड़ों में दर्द की समस्या कुछ लोगों को होती है। बुखार वाले कुछ मरीजों का प्लेटलेट्स भी कम होता है। इससे किसी को घबराने की जरूरत नहीं है। सभी अस्पतालों में फीवर हेल्प डेस्क से लोगों को जागरूक किया जा रहा है। ओपीडी में डॉक्टरों को जरूरी दवाइयों के साथ ही लोगों को बचाव के उपाय बताए जाने को भी कहा गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed