हादसाः वाराणसी में मकान के मलबे में दबकर दादा-पोते की मौत, सिंगरौली में दीवार गिरने से दो की मौत, तीन घायल
बारिश के कारण हुए हादसे में सोनभद्र से सटे सिंगरौली और वाराणसी जिले में रविवार को चार लोगों की मौत हो गई।
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वाराणसी के अकोड़ा गांव में रविवार सुबह कच्चा मकान ढहने से मलबे में दबकर दादा और पोते की मौत हो गई। कड़ी मशक्कत के बाद मलबे से दोनों के शव को बाहर निकाला गया। कपसेठी थाने की पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भिजवाया। हादसे की सूचना पाकर घटनास्थल पर पहुंचे पिंडरा विधायक और एसडीएम ने परिजनों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
कपसेेठी थाना अंतर्गत अकोड़ा गांव में रंगबहादुर सिंह का कच्चा मकान है। बारिश के चलते मकान का कुछ हिस्सा सुबह छह बजे भरभरा कर गिर पड़ा। इस दौरान उसी रास्ते से गाय लेकर खेत की ओर जा रहे संजय कुमार उर्फ संदीप सिंह 36 वर्ष और दुकान से बिस्किट खरीदकर घर लौट रहे चचेरा पोता शिवांश सिंह 14 वर्ष मलबे में दब गए। इस दौरान गाय बाल-बाल बच गई।
मौके पर पहुंची पुलिस भी ग्रामीणों के सहयोग से मलबा हटाने में जुटी। मलबा अधिक होने के कारण जेसीबी बुलानी पड़ी। गांव में हादसे की सूचना मिलते ही पिंडरा विधायक डॉ. अवधेश सिंह और एसडीएम, बड़ागांव ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि दीपक सिंह भी पहुंचे। कड़ी मशक्कत के बाद जेसीबी से मलबा हटाकर अचेत दोनों को बाहर निकलवाकर अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
संदीप और शिवांश की मौत की सूचना मिलते ही दोनों के परिवार में कोहराम मच गया। कपसेठी थाने की पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया। पिंडरा विधायक और तहसीलदार ने परिजनों को आश्वस्त किया कि सरकारी राहत कोष से आर्थिक सहायता मुहैया कराई जाएगी।
हादसे के बाद से गांव में मातम का माहौल, चार-चार लाख की आर्थिक सहायता
खेती किसानी करने वाले दो बच्चों के पिता संदीप सिंह की मौत ने परिवार को तोड़कर रख दिया। वहीं शिवांश के परिवार में भी दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। शिवांश के पिता समर सिंह उर्फ आशीष सिंह और माता शीला सिंह सहित अन्य परिजनों को रोते-बिलखते देख मौजूद हर कोई गमगीन दिखा। गांव में सुबह के समय चूल्हे ठंडे ही रहे। मातम जैसा माहौल गांव में पूरे दिन बना रहा।
जनप्रतिनिधियों की ओर से परिवार को ढांढस बंधाया गया। ग्रामीणों के अनुसार संदीप सिंह तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। अभी हाल ही में बड़े भाई राजेश सिंह की कोरोना से मौत हुई थी। दो पुत्र अमन सिंह और बुद्धू सिंह व पत्नी पुष्पा सिंह का रो-रोकर बुरा हाल रहा। ग्रामीणों के अनुसार खंडहर में तब्दील हो चुके इस मकान को पहले ही गिरा दिया गया होता तो आज गांव से दो अर्थी नहीं उठती।
हादसे में मृत संदीप सिंह और शिवांश सिंह के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से चार-चार लाख की आर्थिक सहायता रािश 24 घंटे के अंदर में मुहैया कराई जाएगी। एसडीएम पिंडरा गिरीश कुमार द्विवेदी ने बताया कि इसके लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।
सिंगरौलीः दीवार गिरने से दबा परिवार, दो की मौत, तीन घायल
जयंत चौकी क्षेत्र में साइलो के समीप सामंता कंपनी का कैंप है। इसकी सुरक्षा दीवार से सटी मजदूरों की बस्ती है। रांची (झारखंड) निवासी भोला मुंडा अपने परिवार के साथ यहीं गुजर बसर करता है। रविवार को सामंता कंपनी की सुरक्षा दीवार ढहने से भोला मुंडा का परिवार मलबे में दब गया।
पुलिस के अनुसार, घटना में भोला मुंडा (32), पत्नी विनीता मुंडा (28), पुत्र नीरज उर्फ पांड्या (10), शनिका मुंडा (4) और पुत्री रागिनी (3) निवासी अंडीका थाना खूंटी जिला रांची गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास के लोगों की मदद से सभी को मलबे से बाहर निकाला गया, मगर तब तक नीरज और शनिका की मौत हो चुकी थी। भोला, पत्नी विनीता और पुत्री रागिनी को नेहरू चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है।