ओलंपिक: शानदार प्रदर्शन के बाद बनारस पहुंचे हॉकी खिलाड़ी ललित का भव्य स्वागत, बाबा दरबार में लगाई हाजिरी
एयरपोर्ट पर ललित सबसे पहले परिजनों से मिले। इस दौरान अपने लोगों को देख ललित की आखों में खुशी के आंसू छलक उठे। माला पहना कर स्वागत किया गया। पौने बारह बजे विमान से उतरने के बाद ललित उपाध्याय 12:20 बजे शहर के लिए निकले।
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कांस्य पदक विजेता भारतीय हॉकी टीम के सदस्य व काशी के लाल ललित उपाध्याय वाराणसी पहुंच चुके हैं। बाबतपुर स्थित एयरपोर्ट पर एयर इंडिया के विमान से पहुंचे ओलंपियन के स्वागत के लिए हजारों की भीड़ उमड़ी। एयरपोर्ट पर ललित सबसे पहले परिजनों से मिले। इस दौरान अपने लोगों को देख ललित की आखों में खुशी के आंसू छलक उठे।
राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल ने माला पहना कर स्वागत किया गया। ललित के स्वागत के लिए उनके पिता के साथ-साथ उनके चाचा भी एयरपोर्ट पर मौजूद थे। वहीं एयरपोर्ट के लाउंज में एयरपोर्ट अथॉरिटी के अधिकारियों ने भी ललित का स्वागत किया और उन्हें देश का नाम रोशन करने को लेकर बधाई दी।
पौने बारह बजे विमान से उतरने के बाद ललित उपाध्याय 12:20 बजे शहर के लिए निकले। वो एयरपोर्ट से सीधे काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचे और दर्शन-पूजन किया। सिगरा स्टेडियम गए और साथी सहित अन्य खिलाड़ियों से मुलाकात की। सिगरा स्टेडियम में हॉकी संघ की ओर से उनका सम्मान किया गया। ललित के वाहन के साथ लंबा काफिला नजर आया।
काशी के लाल ललित के स्वागत के लिए शहर के एक दर्जन चौराहों पर बडे़-बड़े पोस्टर लगाए गए हैं। स्कूल और संगठनों ने भी उनके स्वागत और सम्मान की तैयारी की है।ललित अपनी कर्म भूमि यूपी कॉलेज भी जाएंगे। जहां उन्होंने हॉकी का ककहरा कोच परमानंद मिश्रा से सीखा था।
बनारस में हॉकी फिर से जिंदा हो गई
बाबतपुर एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान ललित ने कहा कि इससे ज्यादा खुशी कभी नही मिल सकती कि जब शहर भर के लोग आपके स्वागत के लिए आएं हों। ओलंपिक में जीत पर कहा कि उन्होंने कहा कि सब भोलेबाबा की कृपा है। अग्रजों, माता-पिता और गुरुजनों का आशीर्वाद है। कोच परमानंद मिश्रा जी का सहयोग रहा। सबसे बड़ी बात यह है कि बनारस में हॉकी फिर से जिंदा हो गई। इससे बढ़कर और क्या हो सकता है। यह क्षण हमारे और देश के लिए और गर्व की बात है। जब कोई टीम देश का प्रतिनिधित्व करती है और उसे विश्व स्तर पर पदक या ट्राफी मिलता है ।
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