Varanasi News: चार किमी के दायरे में तीन पार्किंग, आठ किमी में एक भी नहीं; सड़क पर खड़े हो रहे 50 हजार वाहन
वाराणसी शहर की पार्किंग क्षमता 4810 है, जबकि सड़क पर 50 हजार वाहन खड़े हो रहे हैं। यहां चार किमी के दायरे में तीन पार्किंग बनाई गई हैं, तो आठ किमी में एक भी नहीं है।
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शहर में वाहनों की पार्किंग बड़ी समस्या बनती जा रही है। अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है। शहर में कुल 18 अस्थायी पार्किंग नगर निगम की ओर से ठेके पर चलाई जा रही हैं। स्थायी और अस्थायी सभी पार्किंग की कुल क्षमता 4810 है जबकि सड़क पर 50 हजार वाहन रोज खड़े हो रहे हैं। ज्यादातर वाहन पार्क, सड़क, काॅलोनियों के आस पास खड़े होते हैं।
यातायात विभाग के अनुसार 35 हजार वाहन प्रतिदिन दूसरे जिलों से किसी न किसी काम से शहर में आते हैं। इनमें ज्यादातर लोग सड़क किनारे ही वाहनों को खड़ा करते हैं। इसकी वजह से आए दिन यातायात व्यवस्था बिगड़ती जा रही है। स्मार्ट सिटी के तीन पार्किंग स्थल और पीडब्ल्यूडी की एक पार्किंग स्थल को मिलाकर 1685 वाहनों को पार्क करने की सुविधा है। जबकि नगर निगम के अस्थायी पार्किंग स्थलों की क्षमता 3125 है।
शहर में आबादी की रफ्तार से दिन-प्रतिदिन गाड़ियों की संख्या भी बढ़ रही है। इन वाहनों को खड़ी करने की जगह नहीं है। आरटीओ में अब तक कुल 15,02062 गाड़ियां पंजीकृत हैं। दस वर्ष पहले 2012 में वाहनों की संख्या 5 लाख थी। गोदौलिया, बेनियाबाग, टाउनहाल, कचहरी के पास स्थायी पार्किंग स्थल हैं। बीते पंद्रह सालों में शहर में कुछ फ्लाईओवर और आरओबी जरूर बने हैं, लेकिन सड़कों की संख्या वही है। ऐसे में जाम भयंकर लग रहा है।
वीडीए और नगर निगम ने बनाए छह जगहों पर पार्किंग का प्रस्ताव
नगर निगम और वीडीए की ओर से छह जगहों पर पार्किंग बनाने का प्रस्ताव बनाया गया है। नगर निगम की ओर से सिगरा और पशु चिकित्सालय में पार्किंग स्थल के साथ व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स बनाने का प्रस्ताव है। इसके अलावा वीडीए की ओर से दो पार्किंग बनाए जाएंगे। इनमें सारनाथ मुनारी रोड पर भी प्रस्तावित है। ककरमत्ता फ्लाईओवर के नीचे व कब्जामुक्त जमीनों पर पार्किंग बनाने का प्रस्ताव है।
पार्किंग की पर्याप्त सुविधा न होने से इन इलाकों में लगता जाम
शहर में पार्किंग की पर्याप्त सुविधा न होने से इन इलाकों में आए दिन जाम लगता है। मंडुवाडीह, विश्वेश्वरगंज, मैदागिन, चौकाघाट, बीएचयू, लंका, सारनाथ, कमच्छा, अस्सी घाट, लंका, चौक, गोदौलिया, दशाश्वमेध, विश्वेश्वरगंज, रेवड़ी तालाब, लक्सा, रथयात्रा समेत 30 से अधिक इलाकों में आवागमन के प्रमुख साधन सिर्फ ऑटो और ई-रिक्शा हैं।
क्या बोले अधिकारी
शहर में पार्किंग के लिए नए विकल्प तलाशे गए हैं। कई जगहों पर नए पार्किंग बनवाई जाएगी। इसका प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया है। नगर निगम के जरिये लोगों से अपील की जा रही है वे निजी जमीन पर पार्किंग बनवाएं। -अक्षत वर्मा, नगर आयुक्त