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एलईडी से रोशन होगा वरुणा तट
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sun, 29 May 2016 02:46 AM IST
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अवैध निर्माणों को हटाकर डूब क्षेत्र के संरक्षण की तैयारी परवान चढ़ी तो सीएम का ड्रीम प्रोजेक्ट ‘वरुणा कॉरिडोर’ काशी के लिए यादगार तोहफा बन जाएगा। कॉरिडोर की कार्ययोजना सही तरीके से अमल में लाई गई तो न सिर्फ वरुणा को नवजीवन मिलेगा बल्कि यह शहर के नए पर्यटन स्थल के रूप में शुमार होगा। जहां एलईडी की दुधिया रोशनी के बीच बाहर से आने वाले सैलानियों, श्रद्धालुओं के साथ शहर के बाशिंदे हरियाली भरे वातावरण में सुकून के पल गुजार सकेंगे।
फिलहाल ड्रेजिंग कर तटों को विकसित करने और वरुणा में नालों को गिरने से रोकने के लिए इंटरसेप्टर पाइप लाइन बिछाने का काम कराया जा रहा है। इसके बाद वरुणा किनारे दोनों तरफ पचास-पचास मीटर ग्रीन बेल्ट विकसित किया जाना है। साथ ही, डूब क्षेत्र को संरक्षित किया जाना है। 10.3 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर को इस तरह खूबसूरत बनाया जाएगा कि उसे पर्यटन स्थल का स्वरूप दिया जा सके। हर पचास मीटर पर खंभे लगाए जाएंगे और भूमिगत तारों के जरिये एलईडी की दुधिया से वरुणा का किनारा जगमग होगा।
उधर, वरुणा बचाओ और वरुणावासियों को बचाओ अभियान की ओर से ग्रीन बेल्ट के विरोध में शैलपुत्री इलाके से मार्च निकाला गया। इसमें अमन अख्तर, दिनेश मांझी, विजय मांझी, सुरेश, विनोद आदि शामिल रहे।
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फिलहाल ड्रेजिंग कर तटों को विकसित करने और वरुणा में नालों को गिरने से रोकने के लिए इंटरसेप्टर पाइप लाइन बिछाने का काम कराया जा रहा है। इसके बाद वरुणा किनारे दोनों तरफ पचास-पचास मीटर ग्रीन बेल्ट विकसित किया जाना है। साथ ही, डूब क्षेत्र को संरक्षित किया जाना है। 10.3 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर को इस तरह खूबसूरत बनाया जाएगा कि उसे पर्यटन स्थल का स्वरूप दिया जा सके। हर पचास मीटर पर खंभे लगाए जाएंगे और भूमिगत तारों के जरिये एलईडी की दुधिया से वरुणा का किनारा जगमग होगा।
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उधर, वरुणा बचाओ और वरुणावासियों को बचाओ अभियान की ओर से ग्रीन बेल्ट के विरोध में शैलपुत्री इलाके से मार्च निकाला गया। इसमें अमन अख्तर, दिनेश मांझी, विजय मांझी, सुरेश, विनोद आदि शामिल रहे।
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