{"_id":"572123f74f1c1be776a91ea9","slug":"the-court-will-sit-daily-until-tightened-security","type":"story","status":"publish","title_hn":"कचहरी की सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता होने तक रोजाना देेंगे धरना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कचहरी की सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता होने तक रोजाना देेंगे धरना
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Thu, 28 Apr 2016 02:11 AM IST
विज्ञापन
अधिवक्ताओं ने चेकिंग अभियान भी चलाया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कचहरी परिसर की सुरक्षा व्यवस्था के प्रति प्रशासन का ढुलमुल रवैया देख बुधवार को अधिवक्ताओं ने खुद तलाशी अभियान चलाया। अधिवक्ताओें को आमजन की तलाशी लेते देख पुलिस भी सक्रिय हुई। इसके बाद अधिवक्ताओं ने धरना दिया और कहा कि सुरक्षा को लेकर उनकी छह सूत्री मांगें जब तक पूरी नहीं होगी वे रोजाना 11 से 12 बजे तक बनारस बार भवन के सामने धरना देंगे।
कचहरी खुलते ही बनारस बार गेट पर सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विवेक शंकर तिवारी और महामंत्री नित्यानंद राय के नेत़ृत्व में अधिवक्ताओं ने आने-जाने वालों की तलाशी लेने लगे। यह देख पुलिस ने पूरे परिसर में तलाशी अभियान चलाया। इसके बाद अधिवक्ताओं ने कचहरी परिसर की सुरक्षा व्यवस्था के प्रति पुलिस और प्रशासन पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए बनारस बार भवन के सामने धरना पर बैठ गए।
पुलिस और प्रशासन विरोधी नारे लगाते हुए अधिवक्ताओं ने छह सूत्री मांग पत्र सौंपा। जिसमें परिसर में सीआईएसएफ की तैनाती, सीसीटीवी कैमरे से परिसर को लैस करना, प्रवेश द्वारों पर पुरुष और महिला सिपाहियों की तैनाती, वादकारियोें के लिए पास की व्यवस्था और वादकारियों, न्यायिक अधिकारियों व अधिवक्ताओं के प्रवेश के लिए अलग-अलग रास्ते की मांग शामिल है। पत्रक प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को भी सौंपा गया है। इस दौरान अखिलेश यादव, शशांक शेखर त्रिपाठी, सूर्यभान सिंह, अजय शर्मा, अतुल सिंह, सुरेश गुप्ता, वेंकटेश्वर सिंह, राजेश दूबे, अभिषेक श्रीवास्तव, संजीव चौरसिया, रुद्रनाथ त्रिपाठी सहित कई अधिवक्ता मौजूद रहे।
विज्ञापन
हैंडग्रेनेड किसका, नहीं लग सका पता
वाराणसी। कचहरी परिसर से बीते शनिवार को बरामद हुआ हैंडग्रेनेड आर्मी, पैरामिलिट्री फोर्स या पुलिस किसका था, यह बुधवार को भी स्पष्ट नहीं हो सका। इस संबंध में आर्डिनेंस फैक्ट्रियों ने एटीएस को बुधवार को बताया कि उनके कंप्यूटर में दर्ज विवरण से बनारस में बरामद ग्रेनेड की लाट का मिलान नहीं हो पा रहा है। अब रजिस्टरों को देखकर ग्रेनेड के संबंध में बता पाना संभव हो पाएगा। उधर, मामले की जांच कर रही क्राइम ब्रांच भी यह सुराग लगा पाने में अभी तक नाकाम है कि कचहरी में आखिरकार ग्रेनेड कौन और कैसे लाकर रखा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच चल रही है।
विज्ञापन
कचहरी खुलते ही बनारस बार गेट पर सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विवेक शंकर तिवारी और महामंत्री नित्यानंद राय के नेत़ृत्व में अधिवक्ताओं ने आने-जाने वालों की तलाशी लेने लगे। यह देख पुलिस ने पूरे परिसर में तलाशी अभियान चलाया। इसके बाद अधिवक्ताओं ने कचहरी परिसर की सुरक्षा व्यवस्था के प्रति पुलिस और प्रशासन पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए बनारस बार भवन के सामने धरना पर बैठ गए।
विज्ञापन
पुलिस और प्रशासन विरोधी नारे लगाते हुए अधिवक्ताओं ने छह सूत्री मांग पत्र सौंपा। जिसमें परिसर में सीआईएसएफ की तैनाती, सीसीटीवी कैमरे से परिसर को लैस करना, प्रवेश द्वारों पर पुरुष और महिला सिपाहियों की तैनाती, वादकारियोें के लिए पास की व्यवस्था और वादकारियों, न्यायिक अधिकारियों व अधिवक्ताओं के प्रवेश के लिए अलग-अलग रास्ते की मांग शामिल है। पत्रक प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को भी सौंपा गया है। इस दौरान अखिलेश यादव, शशांक शेखर त्रिपाठी, सूर्यभान सिंह, अजय शर्मा, अतुल सिंह, सुरेश गुप्ता, वेंकटेश्वर सिंह, राजेश दूबे, अभिषेक श्रीवास्तव, संजीव चौरसिया, रुद्रनाथ त्रिपाठी सहित कई अधिवक्ता मौजूद रहे।
विज्ञापन
हैंडग्रेनेड किसका, नहीं लग सका पता
वाराणसी। कचहरी परिसर से बीते शनिवार को बरामद हुआ हैंडग्रेनेड आर्मी, पैरामिलिट्री फोर्स या पुलिस किसका था, यह बुधवार को भी स्पष्ट नहीं हो सका। इस संबंध में आर्डिनेंस फैक्ट्रियों ने एटीएस को बुधवार को बताया कि उनके कंप्यूटर में दर्ज विवरण से बनारस में बरामद ग्रेनेड की लाट का मिलान नहीं हो पा रहा है। अब रजिस्टरों को देखकर ग्रेनेड के संबंध में बता पाना संभव हो पाएगा। उधर, मामले की जांच कर रही क्राइम ब्रांच भी यह सुराग लगा पाने में अभी तक नाकाम है कि कचहरी में आखिरकार ग्रेनेड कौन और कैसे लाकर रखा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच चल रही है।