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Teachers Day: गुरु की सीख ने बदल दी जिंदगी, पढ़ें- कुछ ऐसे ही सफल शिष्यों की कहानी

Wed, 05 Sep 2018 03:11 PM IST
पूजा सिंह,अमर उजाला,वाराणसी
पूजा सिंह,अमर उजाला,वाराणसी Updated Wed, 05 Sep 2018 03:11 PM IST
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Teachers day special story know about those students who live fchanged by teacher
शिक्षक दिवस पर विशेष - फोटो : amar ujala
 गुरु की महिमा अनंत है। शिष्य को मंजिल की राह बताने वाला गुरु ही है। शिष्य गुरु पर बलिहारी है। यही गुरु-शिष्य परंपरा का मूल भाव है।  गुरु की छोटी सी डांट भी बड़ी सीख दे जाती है। शिक्षक दिवस पर हम कुछ ऐसे ही सफल शिष्यों के अनुभव को साझा कर रहे हैं। 
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गुरु ने दिखाया सही रास्ता
आर्य महिला पीजी कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर कार्यरत स्वाती मिश्रा कहती हैं कि अध्यापक जीवन की दिशा और दशा बदल देते हैं। मेरे गुरु रवि प्रसाद पांडेय भी ऐसे ही गुरु हैं, जिन्होंने मेरी हर तरह से मदद की। कठिनाई आई तो गुरु ने मेरा मार्गदर्शन किया। विद्यापीठ से एमफिल के साथ बीएचयू में पीएचडी में मेरा चयन हुआ। उन्होंने सलाह दी कि मैं पीएचडी करूं। गुरु जी की नि:शुल्क शिक्षा ने मुझे जेआरएफ क्वालिफाई करने में सबसे ज्यादा मदद की। 
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माता-पिता ने दी गुरु जैसी दीक्षा 
बैजनत्था निवासी पपीहा त्रिपाठी रुक्मणी बालिका इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य है। उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाने में उनके माता-पिता प्रीतम स्वरूप त्रिपाठी व गुल ने एक गुरु जैसी शिक्षा दीक्षा दी। दो लड़कियां होते हुए भी पिता ने कभी यह महसूस नहीं किया कि उन्हें बेटे की जरूरत है। माता-पिता दोनों ने हमेशा हमलोग को सच्चाई के साथ अपने कार्य करने को प्रेरित किया और सजग रहने की सीख दी। पपीहा बताती हैं कि मां और पिता ने मेरे अंदर आत्मविश्वास पैदा किया कि  मैं खुद फैसला ले सकूं।  
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समाज के लिए जीते है
बीएचयू निवासी डॉ. राज शर्मा की शिक्षा बीएचयू से हुई है। वह कहते हैं कि मेरे जीवन में बीएचयू खनन अभियांत्रिकी विभाग के प्रो. आरिफ जमाल का बड़ा योगदान रहा है। प्रो. आरिफ से मेरी मुलाकात पहली बार पीएचडी में प्रवेश लेने के बाद हुई। आज उन्हीं के सही मार्गदर्शन के चलते मैं आसाम यूनिवर्सिटी के अर्थ सांइस विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर कार्यरत हूं। पीएचडी करते हुए कई मुकाम आए जब मुझे कठिनाई हुई, तब गुरु जी ने एक दोस्त की तरह मेरी उलझनों को दूर किया। उनकी एक सीख आज भी याद है, ‘हमेशा पॉजिटिव सोच के साथ काम करना चाहिए तभी सफल होंगे। 
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