शिक्षक-स्नातक एमएलसी चुनाव: सुबह से शुरू हुई बंडलिंग, देर शाम तक चला काम; टेबलों के पास हंगामा
शिक्षक-स्नातक एमएलसी चुनाव की मतगणना के दौरान टेबलों के पास समर्थकों ने हंगामा किया और प्रमाणपत्र देने की मांग रखी। मतगणना स्थल पर सुबह से बंडलिंग की प्रक्रिया शुरू हुई, जो देर शाम तक जारी रही। इस दौरान प्रत्याशियों के समर्थक परिणाम और प्रमाणपत्र को लेकर सक्रिय रहे। प्रशासन मतगणना की प्रक्रिया पूरी कराने में जुटा रहा।
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मतगणना कर्मी सुबह छह से साढ़े छह बजे के बीच ही पहड़िया मंडी पहुंचना शुरू हो गए थे। शिक्षक और स्नातक एमएलसी सीट के लिए 14-14 टेबल लगाई गई थीं। मतपेटियों से निकाले गए मतपत्रों को 50-50 के बंडल में तैयार किया गया। शिक्षक एमएलसी के मतपत्रों की बंडलिंग का काम शाम करीब चार बजे तक चला। इसके बाद वैध और अवैध मतपत्रों की जांच कर प्रथम चक्र के आधार पर मतों को प्रत्याशियों के खाते में रखने की प्रक्रिया शुरू हुई।
वरीयता क्रम के आधार पर मतगणना होने के कारण सामान्य चुनाव की तुलना में प्रक्रिया में अधिक समय लग रहा है। शिक्षक सीट के पहले रुझान रात करीब 11 बजे के आसपास सामने आए। इसके बाद सपा खेमे में उत्साह बढ़ गया। समर्थकों की ओर से लाल बिहारी यादव को बधाई देने का सिलसिला भी शुरू हो गया, हालांकि प्रशासन की ओर से जीत की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई थी। सभी वोटों के मिलान करने के बाद उन्हें रात करीब 3 बजे प्रमाणपत्र देने की बात कही गई।
रात में मतगणना स्थल पर टेबल नंबर 2, 3, 4 और 11 के पास हाथ में पर्ची लेकर कुछ लोगों ने हंगामा किया। प्रशासनिक अधिकारियों ने समझाकर मामला शांत कराया। देर रात सपा समर्थकों ने भी हंगामा करते हुए शिक्षक एमएलसी प्रत्याशी को जल्द जीत का प्रमाणपत्र देने की मांग की।
मतगणना स्थल के बाहर पूरे दिन सपा और भाजपा समर्थकों का जमावड़ा रहा। दोनों दलों के समर्थकों ने अपने-अपने टेंट लगाए थे। मतगणना स्थल के आसपास सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग की गई थी। अधिकृत पासधारकों को जांच के बाद ही प्रवेश दिया गया। परिसर और आसपास के क्षेत्र की निगरानी सीसीटीवी और ड्रोन से की गई।
चंदौली में ब्लैक पेन के इस्तेमाल पर आपत्ति
शिक्षक एमएलसी के मतदान में चंदौली के चहनियां क्षेत्र के बूथ नंबर 27, मतदान केंद्र 33 पर ब्लैक पेन के इस्तेमाल का मामला भी सामने आया। चुनाव आयोग की निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार मतपत्र पर निर्धारित पेन से ही मतदान किया जाना था। ब्लैक पेन के इस्तेमाल को लेकर आपत्ति जताई गई है। इसे लेकर संबंधित मतदान केंद्र के मतों के संबंध में निर्वाचन अधिकारी स्तर से निर्णय लिया जाना है। चुनाव निरस्त होने की स्थिति अभी आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं है।