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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Surya Grahan 2020 special precautions will have to be taken on solar eclipse Effects on zodiac signs in varanasi

Surya Grahan 2020: ज्योतिष के अनुसार- सूर्यग्रहण पर बरतनी होंगी ये खास सावधानियां, जानें क्या करें और क्या नहीं

Sat, 20 Jun 2020 03:25 PM IST
गीतार्जुन गौतम अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Sat, 20 Jun 2020 03:25 PM IST
सार

  • हलहारिणी अमावस्या के सूर्यग्रहण पर दान का मिलता है पुण्य, आषाढ़ महीने की अमावस्या का धर्मग्रंथों में विशेष महत्व।
  • सूर्यग्रहण समाप्त होने के बाद दोपहर में ही स्नान और दान होगा, आषाढ़ अमावस्या पर सूर्यग्रहण के दौरान तर्पण करने से पितरों को तृप्ति मिलती है।
  • इस ग्रहण पर बरतें विशेष सावधानियां, नीचे दी गई बातों का रखें ख्याल।

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Surya Grahan 2020 special precautions will have to be taken on solar eclipse Effects on zodiac signs in varanasi
सूर्य ग्रहण 2020 - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आषाढ़ महीने की अमावस्या का धर्मग्रंथों में विशेष महत्व है। 21 जून को सूर्यग्रहण और हलहारिणी अमावस्या का संयोग बन रहा है। इस पर्व पर किए गए दान का महत्व ही अलग है। रविवार को अमावस्या का संयोग अशुभ माना जाता है। सूर्यग्रहण समाप्त होने के बाद दोपहर में ही स्नान और दान किया जाएगा। आषाढ़ अमावस्या पर सूर्यग्रहण के दौरान तर्पण करने से पितरों को तृप्ति मिलती है।

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ज्योतिष के संहिता ग्रंथों के अनुसार रविवार को अमावस्या होना अशुभ माना जाता है। इस स्थिति का देश-दुनिया पर अशुभ प्रभाव पड़ता है। इस तिथि पर तीर्थ और पवित्र नदियों में नहाने के साथ ही दान और पूजा-पाठ करने की परंपरा है। वर्तमान हालातों को देखते हुए घर पर ही पानी में गंगाजल मिलाकर नहाने से तीर्थ स्नान का फल मिल सकता है।
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आषाढ़ अमावस्या पर ग्रहों की विशेष स्थिति बनने से इस दिन पितरों की विशेष पूजा करने से हर तरह की परेशानियां दूर होती हैं। पितरों के लिए इस दिन की गई पूजा से कुंडली में ग्रहों की स्थिति से बने पितृ दोष का अशुभ प्रभाव कम हो जाता है।
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ग्रहणकाल में बरतें सावधानी :
ज्योतिषाचार्य विमल जैन ने बताया कि जिन जातकों को शनिग्रह की अढ़ैया अथवा साढ़ेसाती हो या जन्मकुंडली के अनुसार ग्रहों की महादशा, अंतर्दशा या प्रत्यंतरदशा प्रतिकूल हो तथा सूर्य के साथ राहु या केतु हों। उन्हें ग्रहणकाल में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। सूर्य से संबंधित मंत्र का मानसिक जाप करें तथा आदित्यहृदय स्त्रोत या गायत्री मंत्र का जप करें। ग्रहण आद्रा नक्षत्र और मिथुन राशि पर लगेगा, जिसकी वजह से मिथुन राशि विशेष प्रभावित होगी।

शनिवार की रात को ही लग जाएगा सूतक :
ज्योतिषाचार्य दीपक मालवीय के अनुसार रविवार को होने वाले सूर्यग्रहण का सूतक 12 घंटे पहले यानी शनिवार की रात को 10 बजे से ही शुरू हो जाएगा जो कि ग्रहण के साथ दोपहर 2:30 पर खत्म होगा। इसलिए सुबह सामान्य स्नान करें। सुबह दान और पूजा-पाठ नहीं किए जा सकेंगे। लेकिन ग्रहण खत्म होने के बाद किए गए दान का विशेष महत्व रहेगा।

आषाढ़ अमावस्या पर क्या करें :

  • रविवार को ग्रहण शुरू होने पहले नहा लें। इसके बाद ग्रहण के दौरान पितरों के लिए श्राद्ध, तर्पण और पूजा-पाठ करें।
  • ग्रहण के दौरान गाय के घी का दीपक लगाएं। श्रद्धा अनुसार दान का संकल्प लें।
  • ग्रहण खत्म होने पर संकल्प के अनुसार चीजों का दान करें। इसके बाद गाय को हरी घास खिलाएं, कुत्तों और कौवों को रोटी खिलाएं।
  • ग्रहण के दौरान महामृत्युंजय मंत्र या भगवान शिव के नाम का जाप करें।
  • ग्रहण खत्म होने के बाद फिर से नहाना चाहिए। ग्रंथों के अनुसार ऐसा करना जरूरी है।
  • ग्रहण खत्म होने के बाद अमावस्या तिथि के दौरान गरीबों को भोजन करवा सकते हैं।

12 राशियों के अनुसार दान :

ज्योतिषाचार्य पं. गणेश मिश्र के अनुसार इस बार सूर्यग्रहण होने से राशि अनुसार किए गए दान का विशेष महत्व रहेगा।

  • मेष - लाल कपड़े, गेहूं और तिल का दान करना शुभ रहेगा। शीघ्र ही हर मनोकामना पूरी हो सकती है।
  • वृष - सूती कपड़ों का दान करें। जल, दूध और सफेद तिल का दान करना चाहिए।
  • मिथुन - गाय को हरी घास खिलाएं। श्रद्धा अनुसार गणेश मंदिर में दान करें।
  • कर्क - गंगाजल, दूध से बनी मिठाइयां और सफेद कपड़े दान करें।
  • सिंह - लाल कपड़ा, कंबल या चादर का दान करें।
  • कन्या - हरे मूंग, धान, कांसे के बर्तन या हरे कपड़ों का दान करें।
  • तुला - किसी मंदिर में फल, रुई या घी का दान करें।
  • वृश्चिक -भूमि, लाल वस्त्र, सोना, तांबा, केसर, कस्तूरी का दान करना चाहिए।
  • धनु - मंदिर में हल्दी, चने की दाल का दान करें।
  • मकर - कंबल और काले तिल का दान करें।
  • कुंभ -तेल, तिल, नीले-काले कपड़े, ऊनी कपड़े और लोहे का दान करें।
  • मीन - पीली चीजें, धर्मग्रंथ, शहद, भूमि, दूध देने वाली गाय, पीला चंदन, पीले कपड़े दान कर सकते हैं।
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