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‘भ्रष्टाचार’ की पाइप लाइन में जल निगम के एक्सईएन समेत तीन अभियंता सस्पेंड
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sat, 03 Feb 2018 08:33 PM IST
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समीक्षा बैठक करते नगर विकास मंत्री सुरेंद्र खन्ना
- फोटो : अमर उजाला
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वाराणसी में 518 करोड़ की लागत से शुरू हुई पेयजल परियोजना के आठ साल बाद भी जनोपयोगी न बन पाने के मामले में शनिवार को शहर में आए नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने सख्त रुख अपनाया।
बार-बार हिदायत के बाद भी पेयजल योजना का काम पूरा नहीं होने पर सुरेश खन्ना ने जल निगम के एक्सईएन एके सिंह समेत तीन और अभियंताओं को निलंबित कर दिया। साथ ही, सेवानिवृत्त हो चुके मुख्य अभियंता आरके द्विवेदी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया।
नगर विकास मंत्री ने अपनी पिछली समीक्षा बैठक के दौरान इसी मामले में एक्सईएन सुरेंद्र कुमार को निलंबित किया था। भ्रष्टाचार और मानक-गुणवत्ता की अनदेखी के शिकायतों से घिरी इस पेयजल परियोजना में इस बड़ी कार्रवाई से अधिकारियों से अभियंताओं तक हड़कंप मच गया है।
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बार-बार हिदायत के बाद भी पेयजल योजना का काम पूरा नहीं होने पर सुरेश खन्ना ने जल निगम के एक्सईएन एके सिंह समेत तीन और अभियंताओं को निलंबित कर दिया। साथ ही, सेवानिवृत्त हो चुके मुख्य अभियंता आरके द्विवेदी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया।
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नगर विकास मंत्री ने अपनी पिछली समीक्षा बैठक के दौरान इसी मामले में एक्सईएन सुरेंद्र कुमार को निलंबित किया था। भ्रष्टाचार और मानक-गुणवत्ता की अनदेखी के शिकायतों से घिरी इस पेयजल परियोजना में इस बड़ी कार्रवाई से अधिकारियों से अभियंताओं तक हड़कंप मच गया है।
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मुख्यमंत्री ने खुद की थी समीक्षा
कमिश्नरी सभागार में नगर विकास मंत्री
- फोटो : अमर उजाला
वर्ष 2009-10 में जेएनएनयूआरएम के तहत 518 करोड़ की लागत से 694 किलोमीटर पाइप लाइन बिछाए जाने और 42 ओवरहेड टैंकों के निर्माण की शुरुआत हुई थी। वर्ष 2012 में यह पेयजल योजना पूरी होनी थी लेकिन अब तक काम आधा-अधूरा पड़ा है। मानक और गुणवत्ता की अनदेखी के चलते बिछाई गई पाइप लाइन और बनाए गए ओवरहेड टैंक टेस्टिंग में फेल हो जा रहे हैं।
पिछले दौरे में मुख्यमंत्री ने खुद इसकी समीक्षा की थी और निर्देश दिया था कि जिन अभियंताओं की निगरानी में यह पाइप लाइन बिछाई गई और ओवरहेड टैंक बनाए गए, उन्हें वाराणसी से संबद्ध किया जाए और उनकी जिम्मेदारियां तय करते हुए जहां जो भी गड़बड़ियां हैं उन्हीं से दुरुस्त कराया जाए।
बावजूद इसके काम में तेजी न लाए जाने और गड़बड़ियों को दुरुस्त कराने में शिथिलता पर नगर विकास मंत्री ने तीन और अभियंताओं को निलंबित करने का निर्देश दिया है।
कार्यदायी संस्था जल निगम को हिदायत दी कि गर्मी से पहले ओवरहेड टैंक और पेयजल पाइप लाइन हर हाल में दुरुस्त कराई जाए और घरों तक साफ पानी पहुंचाया जाए।
पिछले दौरे में मुख्यमंत्री ने खुद इसकी समीक्षा की थी और निर्देश दिया था कि जिन अभियंताओं की निगरानी में यह पाइप लाइन बिछाई गई और ओवरहेड टैंक बनाए गए, उन्हें वाराणसी से संबद्ध किया जाए और उनकी जिम्मेदारियां तय करते हुए जहां जो भी गड़बड़ियां हैं उन्हीं से दुरुस्त कराया जाए।
बावजूद इसके काम में तेजी न लाए जाने और गड़बड़ियों को दुरुस्त कराने में शिथिलता पर नगर विकास मंत्री ने तीन और अभियंताओं को निलंबित करने का निर्देश दिया है।
कार्यदायी संस्था जल निगम को हिदायत दी कि गर्मी से पहले ओवरहेड टैंक और पेयजल पाइप लाइन हर हाल में दुरुस्त कराई जाए और घरों तक साफ पानी पहुंचाया जाए।