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मिर्जापुर : नमक-रोटी खिलाने से एक दिन पहले बच्चों को परोसा गया था चावल और नमक

Thu, 05 Sep 2019 06:48 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मिर्जापुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मिर्जापुर Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Thu, 05 Sep 2019 06:48 PM IST
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student were served rice salt a day before feeding salt roti in school mirzapur
29 अगस्त को स्कूल में खाना खाते बच्चे। - फोटो : अमर उजाला

मिर्जापुर के सियुर के प्राइमरी स्कूल में बच्चों को रोटी के साथ नमक खिलाने के मामले की जांच करने आई जिला प्रशासन की टीम ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। टीम ने बताया कि रोटी-नमक खिलाने के प्रकरण से एक दिन पहले बच्चों को चावल के साथ नमक परोसा गया था।

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जांच के दौरान स्कूल पहुंचे जिलाधिकारी ने कहा था कि कक्षा एक से पांच तक के बच्चों से बारी-बारी पूछताछ करने पर बताया गया था कि रोटी-नमक खिलाने से एक दिन पहले चावल नमक खिलाने की घटना हुई थी। इस बात की पुष्टि संविदाकर्मी महिला रसोइया ने भी की है, वायरल हुए इस विडियो से चावल-नमक और रोटी-नमक खिलाने का मामला एक बार फिर सुर्खियों मे आ गया, जबकि जिलाधिकारी ने अपने बयान मे इसे बदलते हुए कहा है कि खिचड़ी के मैन्यु मे चावल नमक भी पड़ता है।
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बहरहाल एमडीएम (मिड डे मील) मैन्यु के अनुसार न परोस कर नमक-रोटी, नमक-चावल परोसने का मामला उजागर करने वालों पर मुकदमा दर्ज कराया गया है। जिसे शासन को बदनाम करने का षडयंत्र करने के आरोप मे पत्रकार पर भी मुकदमा दर्ज कराया गया है।

22 अगस्त को सियुर स्थित प्राथमिक विद्यालय पर बच्चों को रोटी-नमक खिलाने का प्रकरण उजागर हुआ। काफी हो-हल्ला मचने पर जिलाधिकारी अनुराग पटेल ने घटना के दो दिन बाद जांच के लिए एडीएम और एसडीएम चुनार को स्कूल भेजा था। इस दौरान घटना की पुष्टि होते ही जिलाधिकारी भी सीडीओ के साथ विद्यालय पहुंच गए।

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विद्यालय में छानबीन के दौरान तमाम कमियां उजागर हुईं। इसे जिलाधिकारी ने सार्वजनिक रूप से बताया भी है, उन्होंने यह भी कहा कि रोटी-नमक की घटना की जब जांच की गई तो कक्षा एक से पांच तक के बच्चों ने रोटी-नमक की घटना को सही बताया।

इस दौरान बच्चों ने यह भी कहा कि रोटी-नमक खिलाने से एक दिन पहले बच्चों को खिचड़ी की जगह चावल-नमक खिलाने का भी मामला संज्ञान में आया है। जिसका खुलासा जिला प्रशासन ने किया था। जांच के दौरान स्कूली बच्चों के अभिभावकों के भी बयान दर्ज किए गए हैं।

रोटी-नमक और चावल-नमक खिलाने के प्रकरण को लेकर जिला प्रशासन ने इसे संगीन अपराध की श्रेणी में बताया लेकिन आज दामन बचाने की जुगत मे नैतिकता हाशिए पर चली गई। बुधवार को मामले ने नया मोड़ उस समय ले लिया जब महिला रसोइया रुक्मणि देवी ने अपना विडियो जारी कर बयान दिया कि यह कोई एक वाक्या नहीं है। इसके पहले भी नमक-चावल भी खिलाया गया है। इस विडियो के वायरल होने पर जांच की निष्पक्षता ही संदिग्ध हो गई है।

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