फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   So they stayed poor waste water and 15 million won

गर ये बर्बादी रुके तो और 15 लाख को मिले पानी

Sun, 13 Mar 2016 02:13 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी Updated Sun, 13 Mar 2016 02:13 AM IST
विज्ञापन
So they stayed poor waste water and 15 million won
पानी की बर्बादी से गहराता संकट।
गंगा किनारे बसा यह शहर पीने के पानी को तरस रहा है। आबादी के लिहाज से इस शहर को रोजाना 276 एमएलडी पानी की जरूरत है मगर मिलता सिर्फ 140 एमएलडी पानी है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि शहर में रोजाना 194 एमएलडी पानी सड़कों पर या सीवर में बह जा रहा है यानी बर्बाद हो जा रहा है। अगर इस बर्बादी पर रोक लग जाए तो तय मानिए 15 लाख लोगों की पानी की किल्लत दूर हो जाएगी।
विज्ञापन

 


दरअसल सालों पहले बिछाई गई करीब पंद्रह सौ किलोमीटर लंबी पेयजल पाइप लाइन कई जगहों से क्षतिग्रस्त हो चुकी है। नतीज है कि इन पाइपों में रिसाव के चलते पानी बर्बाद हो रहा है। शहर में 276 एमएलडी पेयजल की रोजाना मांग है। इसमें जलकल विभाग 140 एमएलडी ही नागरिकों को मुहैया करा पाता है। हालांकि जलकल के पास 335 एमएलडी पानी रोजाना आता है। 202 एमएलडी पानी नलकूपों से और 133 एमएलडी पानी गंगा से लिफ्ट किया जाता है। मगर 335 में से 194 एमएलडी पानी रिसाव के चलते बर्बाद हो जा रहा है। 

विज्ञापन

 


गर्मी के दिनों में राजघाट से लेकर अस्सी घाट के पूरे पक्के महाल में पानी के लिए हायतौबा मची रहती है। वहीं बजरडीहा, पक्की बाजार, कच्ची बाग, जलालीपुरा, कज्जाकपुरा ऐसे इलाके हैं जहां पूरे साल लोग पानी की किल्लत से दोचार होते हैं। जलकल के पेयजल उत्पादन का 58 फीसदी पानी सीवर लाइनों, सड़कों, गलियों में बहकर बर्बाद हो जाता है। ककरमत्ता, भेलूपुर, अंधरापुल, चौकाघाट, अस्सी पुल और भदैनी ऐसे इलाके हैं जहां प्राय: पानी सड़कों पर बहता देखा जा सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed