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देखेंगे प्लेटफार्म, नजर आएगा बनारस
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Tue, 20 Dec 2016 03:19 PM IST
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मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन पर स्वचालित सीढ़ी पर रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा।
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कला, संस्कृति और सर्व विद्या की राजधानी कही जाने वाली काशी की विविधता की झलक यहां के प्रमुख रेलवे स्टेशन कैंट और मंडुवाडीह के प्लेटफार्मों पर भी नजर आएगी। ट्रेनों में बैठे यात्रियों की नजर जैसे ही प्लेटफार्मों पर पड़ेगी, उन्हें बिना किसी से पूछे यह पता चल जाएगा कि वे बनारस पहुंच गए हैं। सोमवार को कैंट स्टेशन पर यात्री सुविधाओं के विस्तार से जुड़ी योजनाओं के लोकार्पण के बाद रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने यह जानकारी दी। बताया कि कैंट और मंडुवाडीह स्टेशन की सेकेंड एंट्री और प्लेटफार्म नंबर एक को इसी अनुरूप विकसित किया जा रहा है। प्लेटफार्म नंबर चार-पांच के चौड़ीकरण की शुरुआत भी जल्द होगी।
लोकार्पण समारोह में रेल राज्य मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वाराणसी से सांसद होने के नाते पूर्वांचल समेत समूचे प्रदेश में रेल सुविधाओं के विकास में तेजी आई है। मौजूदा समय पूर्वी यूपी में 43450 करोड़ की लागत से रेलवे से जुड़े विकास कार्य चल रहे हैं। सारनाथ से सिटी रेलवे स्टेशन और मंडुवाडीह तक दोहरीकरण और यार्ड रिमॉडलिंग का काम बेहद चुनौतीपूर्ण होने
के बावजूद उसे समय से पूरा कराया जाएगा।
मंडुवाडीह स्टेशन की खूबसूरती की तारीफ करते हुए कहा कि युवा न केवल इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं बल्कि यह टहलने का भी अच्छा स्पॉट साबित हो रहा है। मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने कहा कि पूर्वांचल सहित प्रदेश के विकास को लेकर प्रधानमंत्री बेहद गंभीर हैं। इस मौके पर महापौर राम गोपाल मोहले, सांसद राम चरित्र निषाद, विधायक श्याम देव राय चौधरी, रवींद्र जायसवाल, एमएलसी लक्ष्मण आचार्य, महाप्रबंधक पूर्वोत्तर रेलवे राजीव मिश्र, अपर महाप्रबंधक उत्तर रेलवे वेद पाल, डीआरएम उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल एके लाहोटी, आईआरसीटीसी के मंडल प्रबंधक अश्विनी श्रीवास्तव, चीफ एरिया मैनेजर रवि प्रकाश चतुर्वेदी आदि मौजूद रहे।
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मंडुवाडीह स्टेशन पर स्वचालित सीढ़ियों के शुभारंभ के बाद मंत्री जैसे ही वहां से निकले, जीआरपी प्रतीक्षालय के पास की स्वचालित सीढ़ी ठप हो गई। यात्रियों के हंगामे पर जब उसे दोबारा चालू किया गया तो उल्टा चलने लगी। इस पर फिर उसे बंद कर दिया गया। बाद में पहुंचे ऑपरेटर ने उसे चलाया। स्टेशन अधीक्षक सीपी सिंह ने बताया कि बुजुर्गों और महिलाओं को सीढ़ी पर चढ़ने में कोई समस्या न हो, इसलिए इसकी रफ्तार कम रखी गई है।
कैंट स्टेशन के सामने सड़क पार करने में यात्रियों की सुविधा के लिए लंबे समय से चल रही अंडरपास बनाने की मांग पर कवायद जल्द तेज हो सकती है। साल भर पहले रेल राज्य मंत्री ने कहा था कि विधायक निधि से सहयोग मिले तो रेलवे पहल को तैयार है। सोमवार को मंत्री ने इस मसले को छेड़ा तो विधायक रवींद्र जायसवाल ने बताया कि इसके लिए पत्राचार चल रहा है। इस पर मंत्री ने चिट्ठी मांग ली। बाद में इस मुद्दे को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी।
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लोकार्पण समारोह में रेल राज्य मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वाराणसी से सांसद होने के नाते पूर्वांचल समेत समूचे प्रदेश में रेल सुविधाओं के विकास में तेजी आई है। मौजूदा समय पूर्वी यूपी में 43450 करोड़ की लागत से रेलवे से जुड़े विकास कार्य चल रहे हैं। सारनाथ से सिटी रेलवे स्टेशन और मंडुवाडीह तक दोहरीकरण और यार्ड रिमॉडलिंग का काम बेहद चुनौतीपूर्ण होने
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के बावजूद उसे समय से पूरा कराया जाएगा।
मंडुवाडीह स्टेशन की खूबसूरती की तारीफ करते हुए कहा कि युवा न केवल इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं बल्कि यह टहलने का भी अच्छा स्पॉट साबित हो रहा है। मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने कहा कि पूर्वांचल सहित प्रदेश के विकास को लेकर प्रधानमंत्री बेहद गंभीर हैं। इस मौके पर महापौर राम गोपाल मोहले, सांसद राम चरित्र निषाद, विधायक श्याम देव राय चौधरी, रवींद्र जायसवाल, एमएलसी लक्ष्मण आचार्य, महाप्रबंधक पूर्वोत्तर रेलवे राजीव मिश्र, अपर महाप्रबंधक उत्तर रेलवे वेद पाल, डीआरएम उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल एके लाहोटी, आईआरसीटीसी के मंडल प्रबंधक अश्विनी श्रीवास्तव, चीफ एरिया मैनेजर रवि प्रकाश चतुर्वेदी आदि मौजूद रहे।
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मंडुवाडीह स्टेशन पर स्वचालित सीढ़ियों के शुभारंभ के बाद मंत्री जैसे ही वहां से निकले, जीआरपी प्रतीक्षालय के पास की स्वचालित सीढ़ी ठप हो गई। यात्रियों के हंगामे पर जब उसे दोबारा चालू किया गया तो उल्टा चलने लगी। इस पर फिर उसे बंद कर दिया गया। बाद में पहुंचे ऑपरेटर ने उसे चलाया। स्टेशन अधीक्षक सीपी सिंह ने बताया कि बुजुर्गों और महिलाओं को सीढ़ी पर चढ़ने में कोई समस्या न हो, इसलिए इसकी रफ्तार कम रखी गई है।
कैंट स्टेशन के सामने सड़क पार करने में यात्रियों की सुविधा के लिए लंबे समय से चल रही अंडरपास बनाने की मांग पर कवायद जल्द तेज हो सकती है। साल भर पहले रेल राज्य मंत्री ने कहा था कि विधायक निधि से सहयोग मिले तो रेलवे पहल को तैयार है। सोमवार को मंत्री ने इस मसले को छेड़ा तो विधायक रवींद्र जायसवाल ने बताया कि इसके लिए पत्राचार चल रहा है। इस पर मंत्री ने चिट्ठी मांग ली। बाद में इस मुद्दे को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी।