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राम की तपस्थली रामेश्वर में आस्था का संगम
ब्यूरो, अमर उजाला/वाराणसी
Updated Sun, 20 Nov 2016 02:29 AM IST
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रामेश्वर में लगे लोटा भंटा के मेले में बाटी-चोखा बनातीं महिलाएं।
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पंचक्रोशी यात्रा के तीसरे पड़ाव रामेश्वर में शनिवार को किसी संगमनगरी जैसा नजारा दिखा। वरुणा तट पर स्नान के लिए जहां भोर में ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी, वहीं मंदिर परिसर से लेकर नदी के तट पर जगह-जगह महिलाएं गोहरी पर अहरा जोड़ कर बाटी-चोखा, दाल का भोग तैयार करने में जुट गईं। बाटी-चोखा का प्रसाद रामेश्वर महादेव को अर्पित कर प्रसाद ग्रहण करने का सिलसिला सुबह से शम तक चला। पूरा इलाका पिकनिक स्पॉट में तब्दील हो गया था।
पौराणिक मान्यता के अनुसार भगवान श्रीराम ने रावण का वध करने के बाद ब्रह्म दोष से मुक्ति के लिए पंचक्रोशी परिक्रमा के तीसरे पड़ाव रामेश्वर में वरुणा के तट पर मुट्ठी भर बालू से शिवलिंग की स्थापना की थी। लोटे में भंटा का चोखा और बाटी बनाकर भोग लगाया था। इसके बाद से हर साल यहां अगहन कृष्ण पक्ष की षष्ठी को लोटा-भंटा के मेले में सैलाब उमड़ता है। वहां मंदिर का निर्माण महाराजा सिंधिया के पूर्वज ने सम्वत 1703 में कराया था।
मंदिर के महंत अनूप तिवारी के अनुसार पांचों पांडव ने द्रोपदी के साथ पंचक्रोशी यात्रा करने के बाद रामेश्वर के पास में शिवाला बनाकर उसमें 11 दिन तक निवास किया था। इस दौरान वह रोज रामेश्वर महादेव का दर्शन-पूजन कर उन्हें बाटी-चोखा का भोग लगाने के बाद स्वयं प्रसाद ग्रहण करते थे। यह शिवाला रामेश्वर के समीप आज भी मौजूद है।
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पौराणिक मान्यता के अनुसार भगवान श्रीराम ने रावण का वध करने के बाद ब्रह्म दोष से मुक्ति के लिए पंचक्रोशी परिक्रमा के तीसरे पड़ाव रामेश्वर में वरुणा के तट पर मुट्ठी भर बालू से शिवलिंग की स्थापना की थी। लोटे में भंटा का चोखा और बाटी बनाकर भोग लगाया था। इसके बाद से हर साल यहां अगहन कृष्ण पक्ष की षष्ठी को लोटा-भंटा के मेले में सैलाब उमड़ता है। वहां मंदिर का निर्माण महाराजा सिंधिया के पूर्वज ने सम्वत 1703 में कराया था।
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मंदिर के महंत अनूप तिवारी के अनुसार पांचों पांडव ने द्रोपदी के साथ पंचक्रोशी यात्रा करने के बाद रामेश्वर के पास में शिवाला बनाकर उसमें 11 दिन तक निवास किया था। इस दौरान वह रोज रामेश्वर महादेव का दर्शन-पूजन कर उन्हें बाटी-चोखा का भोग लगाने के बाद स्वयं प्रसाद ग्रहण करते थे। यह शिवाला रामेश्वर के समीप आज भी मौजूद है।
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