बीएचयू में निकले ताजिया के जूलस से माहौल गरमाया, चीफ प्रॉक्टर कार्यालय पर छात्रों का धरना
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मोहर्रम पर बीएचयू परिसर में मंगलवार को ताजिए के जुलूस पर आपत्ति जताते हुए छात्रों ने चीफ प्रॉक्टर कार्यालय पर धरना दिया। शाम करीब 6 बजे से साढ़े नौ बजे तक चले धरने में इसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन को जिम्मेदार ठहराते हुए इस पर रोक लगाने की मांग की। छात्रों का आरोप है कि इस दौरान नारे लगाने के साथ ही धारदार असलहे भी लहराए गए और विश्वविद्यालय सुरक्षा कर्मी देखते रहे।
चीफ प्रॉक्टर ने नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया तब जाकर छात्र वापस लौटे। सूत्रों की माने तो आईएमएस बीएचयू के एक प्रोफेसर की फेसबुक पोस्ट के बाद इस तरह का माहौल गरमाया, हालांकि कुछ देर बाद ही उन्होंने अपना पोस्ट डिलीट कर लिया।
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मोहर्रम पर छित्तूपुर गेट से ताजिए का जुलूस परिसर में प्रवेश किया और विधि संकाय, महिला महाविद्यालय होते हुए सिंह द्वार से बाहर आया। चीफ प्रॉक्टर कार्यालय पर धरने के दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और छात्र-छात्राओं की ओर से दिए गए ज्ञापन के माध्यम से यह बताया गया कि इस तरह का जुलूस परिसर के माहौल को प्रभावित कर रहा है।
परिसर की सुरक्षा की जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की है। छात्रों ने इस दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन पर नई परंपरा शुरू करने का भी आरोप लगाते हुए इस पर शांति व्यवस्था और सौहार्दपूर्ण वातावरण के लिए तत्काल रोक लगाने की मांग की।
बीएचयू के चीफ प्रॉक्टर प्रो. ओपी राय ने बताया कि ऐसा नहीं है कि पहली बार छित्तूपुर गेट से जुलूस अंदर आ रहा है। लंबे समय से इसी गेट से जुलूस अंदर आकर विधि संकाय, महिला महाविद्यालय के रास्ते बाहर जाता है। अब इसको मुद्दा बनाया जा रहा है, जो ठीक नहीं है। जहां तक बात है प्रतिबंध की तो जिला प्रशासन से बातचीत की जाएगी।