सीवर ट्रीटमेंट प्लांट की फोटो लेने गए फोटो पत्रकार को बनाया बंधक
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यहां से छूटने के बाद फोटो पत्रकार श्याम प्रकाश शर्मा ने बांसडीह रोड थाना को शिकायत करते हुए एसपी श्रीपर्णा गांगुली से भी शिकायत की। एसपी ने मामले में पुलिस ने कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
ॉ करीब 31 करोड़ की लागत से छोड़हर गांव में सीवर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण कराया जा रहा है। एक खबर के सिलसिले में अमर उजाला के फोटो पत्रकार श्याम प्रकाश शर्मा शाम लगभग चार बजे प्लांट की फोटो लेने के लिए पहुंचे।
जैसे ही उन्होंने फोटो लेनी शुरू की वहां मौजूद करीब 10 लोगों ने उन्हें घेर लिया। मुख्य गेट को बंद करा दिया। उनसे फोटो डिलीट करने को कहा और ऐसा नहीं करने पर धमकी दी। परिसर में मौजूद लोगों में से एक ने अपना नाम सत्यांशु तिवारी बताया, जबकि दूसरे ने पास ही के एक गांव के प्रधान का खुद को भाई बताते हुए धमकी दी।
परिसर में करीब डेढ़ घंटे तक अराजकतत्वों ने उन्हें बंधक बना कर रखा। वहां से निकलने के बाद श्याम प्रकाश शर्मा ने बांसडीह रोड थाना में घटना को लेकर शिकायत की। साथ ही मामले की शिकायत एसपी श्रीपर्णा गांगुली से भी की गई। एसपी ने इस पर बांसडीह रोड थाना अध्यक्ष सतेंद्र राय से बात कर मामले में कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया। एसपी ने कहा कि आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
एसटीपी निर्माण में मानकों की अनदेखी
130 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले एसटीपी का वर्ष 2005 में चार जून को तत्कालीन नगर विकास राज्यमंत्री सीवर योजना का शिलान्यास किया। इसके लिए कार्यदायी संस्था जल निगम को नामित किया गया। वर्ष 2006-07 में कार्यदायी संस्था जल निगम की ओर से पूरे शहर में सीवेज पाइप डालने का कार्य शुरू किया गया। लेकिन यह काम कभी सुचारु रूप से नही चला।
वर्ष 2011 में विभाग ने यह दावा करते हुए काम बंद कर दिया कि सीवर का काम पूरा हो गया है, जबकि प्रदेश में सत्ता परिवर्तन होने के बाद एक बार फिर आनन-फानन में पाइप डालने का काम शुरू किया गया। इस बीच करीब चार माह पहले विभाग के एक जेई की मौत के बाद भी सीवर लाइन कार्य में गड़बड़ी की शिकायत व फर्जी भुगतान की चर्चा शुरू हुई थी लेकिन विभाग ने इस पर परदा डाल दिया।
उधर छोड़हर में भी जून 2017 में दोबरा से ट्रीटमेंट प्लांट बनने का काम शुरू हुआ तो इसकी लागत में करीब सात करोड़ की बढ़ोतरी की गई, लेकिन इसके मानकों का ध्यान नहीं रखा जा रहा। पहले इसकी लागत 24 करोड़ थी और वर्तमान में इसकी लागत 30 करोड़ 67 लाख की गई है। ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण कार्य में सुस्ती का आलम यह है कि इसे जून 2018 में ही पूर्ण हो जाना था।
अब एक बार फिर से प्लांट की मीयाद को बढ़ा दिया गया है। एक सप्ताह पहले सीवर और सीवर ट्रीटमेंट प्लांट को लेकर जल निगम के अधिशासी अभियंता जल निगम के अधिशासी अभियंता ने कहा था कि कार्य को इसी साल दिसंबर तक पूरा करा लिया जाना है।
दो जोन में बांटकर कार्य कराया गया है। सिटी जोन का काम पूरा हो गया है, सिविल लाइन इलाके को काम बीस प्रतिशत बाकी है। सीवर के पानी के शोधन के लिए छोड़हर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट भी बना लिया गया है। काम समय से पूरा होगा। हालांकि उन्होंने मामले में किसी प्रकार से मानकों की अनदेखी को नहीं माना।