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भगवान पार्श्वनाथ का अभिषेक कर की क्षमा याचना
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वाराणसी। भेलूपुर स्थित जैन श्वेतांबर मंदिर में आयोजित पर्यूषण महापर्व के दूसरे दिन भी विविध आयोजन हुए। इस दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान का अभिषेक कर गलतियों के लिए क्षमा याचना की। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान पार्श्वनाथ का अभिषेक किया गया। इसके बाद जैन साध्वी दिव्यपूर्णा के सानिध्य में व्याख्यान शुरू हुआ।
जैन साध्वी ने कहा कि जीवन में सुख शांति के लिए अर्थ, धर्म और काम में संतुलन बनाए रखना जरूरी है। आज के युग में गृहस्थ अर्थ के पीछे भाग रहा है, जिसकी वजह से लोग धार्मिक कार्यों से दूर हो रहे हैं, जबकि धर्म जीवन का अभिन्न अंग होना चाहिए, तभी कल्याण संभव है। उन्होंने कहा कि गृहस्थ को धर्म के कार्य में किस तरह से आगे बढ़ना चाहिए, उसके तरीकों को बताते हुए कहा कि परमात्मा की पूजा से मन और मानव सेवा से जीवन निर्मल होता है। प्रारंभ में जैन श्वेतांबर तीर्थ सोसायटी के अध्यक्ष ललित राज भंसाली ने जैन साध्वियों को समाज की ओर से वंदन किया और गृहस्थों से साध्वी के बताए मार्ग पर चलने का आग्रह किया। इस मौके पर स्वागत समाज की ओर से निर्मल चंद गांधी, राजेश राय सुराना, सुधीर जैन, राजकरन सकलेचा, कमलजीत शाह आदि ने किया। संचालन सोसायटी के प्रधानमंत्री रमेश कुमार ध्रुव और आभार कोषाध्यक्ष राजेश नाहटा ने किया।
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जैन साध्वी ने कहा कि जीवन में सुख शांति के लिए अर्थ, धर्म और काम में संतुलन बनाए रखना जरूरी है। आज के युग में गृहस्थ अर्थ के पीछे भाग रहा है, जिसकी वजह से लोग धार्मिक कार्यों से दूर हो रहे हैं, जबकि धर्म जीवन का अभिन्न अंग होना चाहिए, तभी कल्याण संभव है। उन्होंने कहा कि गृहस्थ को धर्म के कार्य में किस तरह से आगे बढ़ना चाहिए, उसके तरीकों को बताते हुए कहा कि परमात्मा की पूजा से मन और मानव सेवा से जीवन निर्मल होता है। प्रारंभ में जैन श्वेतांबर तीर्थ सोसायटी के अध्यक्ष ललित राज भंसाली ने जैन साध्वियों को समाज की ओर से वंदन किया और गृहस्थों से साध्वी के बताए मार्ग पर चलने का आग्रह किया। इस मौके पर स्वागत समाज की ओर से निर्मल चंद गांधी, राजेश राय सुराना, सुधीर जैन, राजकरन सकलेचा, कमलजीत शाह आदि ने किया। संचालन सोसायटी के प्रधानमंत्री रमेश कुमार ध्रुव और आभार कोषाध्यक्ष राजेश नाहटा ने किया।
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