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काशी पहुंचे पंकज उधास ने शेयर की दिल की बात, सोनू निगम पर बोलने से इनकार
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Wed, 26 Apr 2017 03:50 PM IST
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सुरगंगा संगीत महोत्सव में पंकज उधास
- फोटो : अमर उजाला
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मशहूर गजल गायक पंकज उधास ने कहा कि गजल के क्षेत्र में नये प्रयोग करने की कोशिशें हो रही हैं। गजल की दुनिया को सजाने-संवारने और आगे बढ़ाने के लिए इन दिनों कुछ नया करने की योजना बना रहा हूं।
उन्होंने बताया कि फिलहाल गजलों का नया एलबम मदहोश रिलीज हुआ है,उम्मीद है कि गजल के चाहने वालों को यह पसंद आएगा।
बनारस के भैसासुर घाट पर आयोजित सुरगंगा संगीत महोत्सव में भाग लेने आए पंकज उधास ने कहा कि इस दौर में जितनी गजलों की तरक्की जरूरी है, उतना ही जरूरी गजल सुनने वालों की तादात का बढ़ना है।
एक सवाल के जवाब में कहा कि गजल गायिकी से लोगों का जुड़ाव इस दौर में कम हुआ है। गजल सुनने वाले की तादात भले कम नहीं हुई है लेकिन इस विधा का प्रचलन जरूर घटा है। इसलिए इस तरह के आयोजनों के माध्यम से कलाकारों, संगीत प्रेमियों को मंच मिलना चाहिए।
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सुर गंगा संगीत महोत्सव अपने आप में अनूठा आयोजन है। बनारस आने के बाद बहुत खुशी हुई। 1980 में पहली बार बनारस में आकर गानों के माध्यम से हाजिरी लगाई थी।
सोनू निगम के लाउडस्पीकर के बयान वाले विवाद पर कुछ भी बोलने से इंकार किया। संगीत और कला की दुनिया का विवादों से रिश्ता नहीं है। गंगा में नौका विहार करने के मुग्ध हुए उधास ने कहा कि बनारस की ये शाम जीवन भर याद आएगी।
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उन्होंने बताया कि फिलहाल गजलों का नया एलबम मदहोश रिलीज हुआ है,उम्मीद है कि गजल के चाहने वालों को यह पसंद आएगा।
बनारस के भैसासुर घाट पर आयोजित सुरगंगा संगीत महोत्सव में भाग लेने आए पंकज उधास ने कहा कि इस दौर में जितनी गजलों की तरक्की जरूरी है, उतना ही जरूरी गजल सुनने वालों की तादात का बढ़ना है।
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एक सवाल के जवाब में कहा कि गजल गायिकी से लोगों का जुड़ाव इस दौर में कम हुआ है। गजल सुनने वाले की तादात भले कम नहीं हुई है लेकिन इस विधा का प्रचलन जरूर घटा है। इसलिए इस तरह के आयोजनों के माध्यम से कलाकारों, संगीत प्रेमियों को मंच मिलना चाहिए।
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सुर गंगा संगीत महोत्सव अपने आप में अनूठा आयोजन है। बनारस आने के बाद बहुत खुशी हुई। 1980 में पहली बार बनारस में आकर गानों के माध्यम से हाजिरी लगाई थी।
सोनू निगम के लाउडस्पीकर के बयान वाले विवाद पर कुछ भी बोलने से इंकार किया। संगीत और कला की दुनिया का विवादों से रिश्ता नहीं है। गंगा में नौका विहार करने के मुग्ध हुए उधास ने कहा कि बनारस की ये शाम जीवन भर याद आएगी।