फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Officers are not treating the High Court order

अफसर नहीं मान रहे हाईकोर्ट का आदेश

Thu, 12 Jan 2017 02:33 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी Updated Thu, 12 Jan 2017 02:33 AM IST
विज्ञापन
Officers are not treating the High Court order
नंबर प्लेट पर पदनाम के साथ ही शीशों पर विभाग के स्टीकर भी लगाए गए हैं।
आचार संहिता की धौंस दिखाकर जनप्रतिनिधियों के वाहनों का चालान करने वाले जिम्मेदार अफसर खुद नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। विधायक और सांसद लिखे वाहनों का आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप में चालान कर दिया जा रहा है, जबकि इसका आचार संहिता से नहीं बल्कि हाईकोर्ट के उस आदेश से वास्ता है, जिसमें स्पष्ट गाइड लाइन है कि वाहन पर नंबर के अलावा कुछ नहीं लिखा होना चाहिए। मोटर व्हेकिल एक्ट में भी यही प्रावधान है लेकिन पदनाम लिखे अफसरों के वाहन धड़ल्ले से आ-जा रहे हैं। नीली बत्ती लगाकर चलने वाले ज्यादातर अफसरों की गाड़ियों पर उनका पदनाम लिखा हुआ है।
विज्ञापन



चार दिन पूर्व विजय मॉल के पास पुलिस ने कैंट से भाजपा विधायक एवं सोनभद्र के बसपा के पूर्व सांसद की गाड़ी का चालान किया था। इनके वाहनों पर विधायक और पूर्व सांसद लिखा हुआ था। इन्हें बताया गया कि यह आचार संहिता का उल्लंघन है। जानकारों की मानें तो ये आचार संहिता नहीं, बल्कि मोटर व्हेकिल एक्ट और हाईकोर्ट के आदेश का उल्लंघन है। पुलिस अधिकारी और मजिस्ट्रेट की टीमें रोजाना विधायक, सांसद, पूर्व विधायक एवं पार्टी संगठन का पदनाम लिखवाकर चल रहे वाहनों का चालान कर रही हैं। अब तक 40 वाहनों का चालान किया गया है मगर अफसरों के एक भी वाहन का चालान नहीं हुआ। बुधवार को पड़ताल करने पर एडीएम सिटी, एडीएम वित्त एवं राजस्व, सीएमओ और एसपी प्रोटोकाल के वाहनों पर उनका पदनाम लिखा मिला। अलबत्ता, एसपी यातायात की बोलेरो गाड़ी पर उनका पदनाम नहीं था। 
विज्ञापन

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed