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बाबतपुर में हुई मिराज की लैंडिंग और टेकऑफ
ब्यूरो/अमर उजाला, ब्यूरो
Updated Sat, 02 Apr 2016 02:39 AM IST
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मिस्र का प्लेन हाईजैक
- फोटो : Reuters
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लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शुक्रवार की दोपहर भारतीय वायु सेना के सबसे भरोसेमंद लड़ाकू विमान मिराज की लैंडिंग को लेकर एयरपोर्ट प्रशासन उत्साहित है। भारतीय वायु सेना का यह विमान ईंधन लेने यहां उतरा था। दोपहर एक बजकर 45 मिनट पर इसकी लैंडिंग हुई। सवा दो घंटे बाद विमान ने ग्वालियर एयर बेस के लिए उड़ान भरी। मिराज की लैंडिंग और टेकआफ के दौरान एयरपोर्ट की सभी आपातकालीन सेवाओं को अलर्ट पर रखा गया था।
एयरपोर्ट के टर्मिनल मैनेजर एसके चौहान के अनुसार मिराज पश्चिम बंगाल के कलाईकुंड एयर बेस से ग्वालियर एयर बेस की उड़ान पर था। ईधन कम होने की वजह से पायलट ने वाराणसी एटीसी से संपर्क साधा और एटीसी से मंजूरी मिलने के कुछ देर बाद ही विमान की सकुशल लैंडिंग हुई। सवा दो घंटे बाद यह विमान शाम चार बजे वायुसेना के ग्वालियर एयरबेस के लिए उड़ गया।
बहरहाल, फ्रांस में बने इस विमान को भारतीय वायुसेना का सबसे भरोसेमंद लड़ाकू विमान माना जाता है। यह मल्टीरोल लड़ाकू विमान है। दस मार्च 1978 में इस विमान ने फ्रांस में पहली बार उड़ान भरी थी। भारतीय वायुसेना के अलावा फ्रांसीसी वायुसेना, यूनाईटेड अरब अमीरात और चीनी वायुसेना के बेड़े में मिराज शामिल है। यह विमान 1500 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से उड़ने के साथ ही दुश्मनों पर अचूक वार करता है।
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एयरपोर्ट के टर्मिनल मैनेजर एसके चौहान के अनुसार मिराज पश्चिम बंगाल के कलाईकुंड एयर बेस से ग्वालियर एयर बेस की उड़ान पर था। ईधन कम होने की वजह से पायलट ने वाराणसी एटीसी से संपर्क साधा और एटीसी से मंजूरी मिलने के कुछ देर बाद ही विमान की सकुशल लैंडिंग हुई। सवा दो घंटे बाद यह विमान शाम चार बजे वायुसेना के ग्वालियर एयरबेस के लिए उड़ गया।
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बहरहाल, फ्रांस में बने इस विमान को भारतीय वायुसेना का सबसे भरोसेमंद लड़ाकू विमान माना जाता है। यह मल्टीरोल लड़ाकू विमान है। दस मार्च 1978 में इस विमान ने फ्रांस में पहली बार उड़ान भरी थी। भारतीय वायुसेना के अलावा फ्रांसीसी वायुसेना, यूनाईटेड अरब अमीरात और चीनी वायुसेना के बेड़े में मिराज शामिल है। यह विमान 1500 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से उड़ने के साथ ही दुश्मनों पर अचूक वार करता है।
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