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पीएम के संसदीय दफ्तर में केंद्र-राज्य के मंत्रियों के बीच हास-परिहास
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Sat, 16 Sep 2017 02:17 PM IST
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पीएम के संसदीय कार्यालय पहुंचे अश्वनी कुमार चौबे
- फोटो : अमर उजाला
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वाराणसी के रवींद्रपुरी में शुक्रवार की दोपहर पीएम के संसदीय कार्यालय पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी चौबे और सूबे के विधि, न्याय, सूचना, खेल राज्य मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी के बीच हुए हास-परिहास को लेकर लोग विस्मय में पड़ गए।
कुछ लोगों ने तो यहां तक कह दिया कि योगी सरकार के मंत्री ने केंद्रीय मंत्री को संसदीय दफ्तर में पहचाना तक नहीं। जबकि, हकीकत में यह हास-परिहास था।
डॉ. नीलकंठ से जब इस बारे में पूछा गया तब उनका कहना था कि केंद्रीय मंत्री चौबे उनके मार्गदर्शक रहे हैं। विश्वनाथ मंदिर से दर्शन करने के बाद उनके बुलावे पर ही मिलने के लिए ही संसदीय कार्यालय आ गए थे। जिस समय वे आए तो चंदन-टीका लगाए और पीली धोती पहने हुए थे।
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नीलकंठ ने बताया कि मैंने मजाक में उनकी ओर मुखातिब होकर पूछा था कि -ई कउन बाबा आ गयल हउअन...। इसके बाद हंसी-मजाक के बीच आधे घंटे बातचीत हुई।
केंद्रीय मंत्री को न पहचान पाने को लेकर शहर में हो रहे चर्चे का जिक्र करने पर नीलकंठ ने कहा कि बीते 20 साल से वह भाजपा से जुड़े हैं। पार्टी के एक -एक पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को पहचानते हैं। ऐसी चूक होने का सवाल ही नहीं उठता।
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कुछ लोगों ने तो यहां तक कह दिया कि योगी सरकार के मंत्री ने केंद्रीय मंत्री को संसदीय दफ्तर में पहचाना तक नहीं। जबकि, हकीकत में यह हास-परिहास था।
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डॉ. नीलकंठ से जब इस बारे में पूछा गया तब उनका कहना था कि केंद्रीय मंत्री चौबे उनके मार्गदर्शक रहे हैं। विश्वनाथ मंदिर से दर्शन करने के बाद उनके बुलावे पर ही मिलने के लिए ही संसदीय कार्यालय आ गए थे। जिस समय वे आए तो चंदन-टीका लगाए और पीली धोती पहने हुए थे।
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नीलकंठ ने बताया कि मैंने मजाक में उनकी ओर मुखातिब होकर पूछा था कि -ई कउन बाबा आ गयल हउअन...। इसके बाद हंसी-मजाक के बीच आधे घंटे बातचीत हुई।
केंद्रीय मंत्री को न पहचान पाने को लेकर शहर में हो रहे चर्चे का जिक्र करने पर नीलकंठ ने कहा कि बीते 20 साल से वह भाजपा से जुड़े हैं। पार्टी के एक -एक पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को पहचानते हैं। ऐसी चूक होने का सवाल ही नहीं उठता।