पीएम मोदी की दो टूक: स्वच्छता अभियान से आंखें मूंदने वाले शहरों की जारी होगी सूची, जनता का दबाव पड़ेगा तो काम होगा
वाराणसी में आयोजित अखिल भारतीय महापौर सम्मेलन को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि पूरे देश में हर वर्ष स्वच्छ शहर की घोषणा होती है। मैं देख रहा हूं कि कुछ ही शहरों ने इसमें अपनी जगह बनाई है, लेकिन बाकी शहर निराश होकर बैठ जाएं यह मानसिकता नहीं होनी चाहिए।
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वाराणसी में आयोजित अखिल भारतीय महापौर सम्मेलन को वर्चुअल संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छता के लिए शहरों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का आह्वान किया। स्वच्छता अभियान में बेहतर करने वाले शहरों का जिक्र करते हुए कहा कि उन शहरों की सूची तैयार करने की जरूरत है जिन्होंने स्वच्छता अभियान की ओर से आंखें मूंद ली गई हैं।
जिन शहरों में स्वच्छता के क्षेत्र में काम नहीं हो रहा है, उसकी भी सूची बनाई जाए। जिस तरह हम बेहतर काम करने वाले शहरों की सूची प्रकाशित करते हैं उसी तरह स्वच्छता के लिए आंखें मूंदने वालों की भी सूची प्रकाशित की जाए। इससे जनता का दबाव पड़ेगा और काम होगा।
पूरे देश में चल रहा स्वच्छता अभियान
प्रधानमंत्री ने कहा, पूरे देश में स्वच्छता अभियान चल रहा है। पूरे देश में हर वर्ष स्वच्छ शहर की घोषणा होती है। मैं देख रहा हूं कि कुछ ही शहरों ने इसमें अपनी जगह बनाई है, लेकिन बाकी शहर निराश होकर बैठ जाएं यह मानसिकता नहीं होनी चाहिए।
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शहरों का जन्मदिन मनाना चाहिए
पीएम मोदी ने महापौरों से अपने शहरों के वार्डों के बीच भी स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना पैदा करने के लिए कहा। सुझाव दिया कि महापौरों को अपने शहरों के बारे में पता लगाना चाहिए और उनका जन्मदिन मनाना चाहिए। उन्होंने पूछा कि क्या उन शहरों को मान्यता देने के लिए नई श्रेणियां हो सकती हैं, जो अन्य मामलों के साथ-साथ स्वच्छता के लिए सबसे अच्छा प्रयास कर रहे हैं।
पीएम ने पीएम स्वनिधि की चर्चा करते हुए निचले स्तर के वेंडरों के आर्थिक स्तर और डिजिटल इंडिया की बात की। कहा कि वेंडर देश की माइक्रो इकोनॉमी में बेहतर योगदान दे रहे हैं, लेकिन उनकी चिंता कोई नहीं कर रहा है।
पीएम ने कहा कि कोरोना में वह सभी की जरूरतों को पूरा करने में सबसे बेहतर माध्यम बने। कोरोना ने हमें उनकी अहमियत समझा दी। उन्हें पीएम स्वनिधि का लाभ दिलाते हुए बैंकों से डिजिटल लेनदेन को सिखाना होगा ताकि बैंक का पूरा काम वह ऑनलाइन मोबाइल से कर सकें।
सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग बंद करना होगा
पीपीपी मोड पर बनाएं शहर में स्मारक
प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें हमेशा मौजूदा योजनाओं को नए उपयोग के लिए इस्तेमाल करने और उन्हें आगे ले जाने के बारे में सोचना चाहिए। उन्होंने शहर की एनसीसी इकाइयों से संपर्क करने और शहरों की मूर्तियों को साफ करने के लिए समूह बनाने और आजादी का अमृत महोत्सव की भावना से विशिष्ट व्यक्तित्वों पर भाषण कार्यक्रम आयोजित करने के लिए कहा। एक जिला एक उत्पाद का जिक्र करते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महापौरों से शहर में किसी विशिष्ट उत्पाद या स्थान द्वारा प्रचारित अपने शहरों की एक विशिष्ट पहचान के लिए जोर देने को कहा।
लोकल उत्पादों की ब्रांडिंग पर जोर
केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप पुरी व सीएम योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में पीएम ने लोकल ब्रांडिंग पर जोर दिया। उन्होंने एक जिला, एक उत्पाद पर जोर देतेे हुए अपने संसदीय क्षेत्र के बनारसी पान की चर्चा करते हुए कहा कि जिस तरह से बनारस में पान, बनारसी साड़ी की चर्चा देश के कोने-कोने में होती है, उसी तरह अपने जिले के उत्पाद को आम आदमी की सहभागिता से ब्रांडिंग की जा सकती है। साथ ही काशी आए मेयरों से बनारसी पान का स्वाद भी चखने की अपील की।
पीएम ने काशीवासियों से जोड़ा अपना नाता
करीब 41 मिनट की भाषण के दौरान पीएम ने काशी व काशीवासियों से अपना नाता जोड़े रखा। पीएम ने अपने भाषण की शुरुआत ही हर-हर महादेव से की। भाषण के दौरान उन्होंने सभी मेयर से पूरे बनारस का भ्रमण करने, घाटों की सुंदरता निरखने, बाबा विश्वनाथ का दर्शन करने की अपील तो की ही काशीवासियों से अगर किसी भी तरह की मेहमाननवाजी में कमी होने पर माफी भी मांगी। कहा कि काशी मेहमाननवाजी के लिए जाना जाता है लेकिन, अगर कोई उसमें कमी हुई होगी तो उसमें दोष मेरा होगा, काशी का नहीं। अंत में उन्होंने कहा कि मुझे काफी प्यार करते हैं काशीवासी।