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Varanasi News: एक फ्रेम में सिमटे अभिनय के कई रंग
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वाराणसी । महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के ललित कला विभाग स्थित आजाद कला दीर्घा में शुक्रवार को शहर के वरिष्ठ छायाकार डॉ. आनंद बरनवाल के 39 छायाचित्रों की प्रदर्शनी का उद्घाटन हुआ। प्रदर्शनी में नाटक और थिएटर पर आधारित छायाचित्र प्रदर्शित किए गए हैं। इनकी खासियत एक ही फ्रेम में एक कलाकार की कई भंगिमाओं और अलग-अलग मुद्राओं को दिखाना है। प्रदर्शनी का उद्घाटन लखनऊ के अंतरराष्ट्रीय छायाकार अनिल रिसाल सिंह, दिल्ली के वरिष्ठ फोटो पत्रकार जगदीश यादव और उत्तर प्रदेश ललित कला अकादमी के अध्यक्ष डॉ. सुनील कुमार विश्वकर्मा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। डॉ. बरनवाल के इस प्रयोग की सराहना की।
मल्टीपल एक्सपोजर तकनीक का प्रयोग सभी फोटो में दिखता है। डॉ. बरनवाल ने बताया कि इस तकनीक में एक ही फोटोग्राफिक फ्रेम पर अलग-अलग समय पर कई एक्सपोजर दर्ज किए जाते हैं। इसके माध्यम से किसी व्यक्ति या वस्तु की अलग-अलग मुद्राओं को एक ही तस्वीर में दिखाया जा सकता है। बताया कि उन्होंने 2003 से इस विधा का प्रयोग शुरू किया और इन छायाचित्रों को तैयार करने के पीछे 10 से 15 वर्षों का अभ्यास और निरंतर साधना है। नाटक के मंचन के दौरान कलाकारों के अभिनय में किसी तरह का व्यवधान पैदा किए बिना तस्वीरें लेना इस काम की विशेष चुनौती रही। उद्घाटन सत्र का संचालन फोटो एक्टिविस्ट विनय रावल ने किया। धन्यवाद ज्ञापन ललित कला विभाग के शिक्षक डॉ. शत्रुघ्न प्रसाद ने किया। इस मौके पर डॉ. गौतम चटर्जी, डॉ. राधाकृष्ण गणेशन, अजय उपासनी, पारुल रावल, अभिनीत सेठ और अनिरुद्ध पाण्डेय आदि उपस्थित रहे। प्रदर्शनी 31 अक्तूबर और एक नवंबर को सुबह 11 बजे से शाम सात बजे तक होगी।
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मल्टीपल एक्सपोजर तकनीक का प्रयोग सभी फोटो में दिखता है। डॉ. बरनवाल ने बताया कि इस तकनीक में एक ही फोटोग्राफिक फ्रेम पर अलग-अलग समय पर कई एक्सपोजर दर्ज किए जाते हैं। इसके माध्यम से किसी व्यक्ति या वस्तु की अलग-अलग मुद्राओं को एक ही तस्वीर में दिखाया जा सकता है। बताया कि उन्होंने 2003 से इस विधा का प्रयोग शुरू किया और इन छायाचित्रों को तैयार करने के पीछे 10 से 15 वर्षों का अभ्यास और निरंतर साधना है। नाटक के मंचन के दौरान कलाकारों के अभिनय में किसी तरह का व्यवधान पैदा किए बिना तस्वीरें लेना इस काम की विशेष चुनौती रही। उद्घाटन सत्र का संचालन फोटो एक्टिविस्ट विनय रावल ने किया। धन्यवाद ज्ञापन ललित कला विभाग के शिक्षक डॉ. शत्रुघ्न प्रसाद ने किया। इस मौके पर डॉ. गौतम चटर्जी, डॉ. राधाकृष्ण गणेशन, अजय उपासनी, पारुल रावल, अभिनीत सेठ और अनिरुद्ध पाण्डेय आदि उपस्थित रहे। प्रदर्शनी 31 अक्तूबर और एक नवंबर को सुबह 11 बजे से शाम सात बजे तक होगी।
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