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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Mahashivaratri 2026 Shiv Barat procession will be taken out in Holi-style manner in Varanasi

Mahashivaratri 2026: इस महाशिवरात्रि काशी में हंपी होली, पंजाब की होला मोहल्ला; खास थीम पर निकलेगी शिव बरात

Tue, 03 Feb 2026 04:27 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: प्रगति चंद Updated Tue, 03 Feb 2026 04:27 PM IST
सार

Varanasi News: महाशिवरात्रि को लेकर काशी में तैयारियां शुरू हो गई हैं।     इस बार महाशिवरात्रि काशी की परंपरा, बनारसी मस्ती और होली के रंग में रंगी रहेगी। 

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Mahashivaratri 2026 Shiv Barat procession will be taken out in Holi-style manner in Varanasi
महाशिवरात्रि पर निकली बाबा महाकाल की सवारी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

महाशिवरात्रि पर काशी की पहचान बन चुकी शिव बरात इस बार पूरी तरह होलियाना अंदाज में निकाली जाएगी। इसमें लोग बनारसी हुड़दंग और सांस्कृतिक उल्लास में नजर आएंगे। इस बार शिव बरात में वृंदावन की लट्ठमार होली, कर्नाटक की हंपी होली, पंजाब की होला मोहल्ला सहित अन्य राज्यों की परंपराओं की झांकियां आकर्षण का केंद्र होंगी।

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करीब 45 वर्षों से चली आ रही इस परंपरा के तहत महामृत्युंजय महादेव मंदिर दारानगर से निकलने वाली शिव बरात 15 फरवरी को काशी की गलियों में रंग, मस्ती और ठहाकों के साथ घूमेगी। वहीं, इस बार की शिव बरात की खास थीम हर आदमी है टेंशन में, चलो थोड़ा गुदगुदाया जाए होगी। शिव बरात से पहले ही काशी में बाबा भोले की शादी की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। 
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काशी विश्वनाथ मंदिर में चढ़ाए गए बेलपत्र और तिलक युक्त निमंत्रण पत्रों के साथ भोजपुरी भाषा और बनारसी अंदाज में आम जनता को शिव विवाह का न्योता भेजा जा रहा है। यह निमंत्रण खुद में काशी की सांस्कृतिक विरासत और लोकभावना को जीवंत करता नजर आ रहा है। 
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शिव बरात समिति के संस्थापक ने बताया कि वर्तमान समय में माघ मेला, यूजीसी, मणिकर्णिका घाट सहित कई मुद्दों के कारण आम जनमानस तनाव में है। ऐसे में लुप्त होती बनारसी मस्ती, ठिठोली और अल्हड़पन को फिर से जीवंत करने के उद्देश्य से इस बार शिव बरात को पूरी तरह होली की मस्ती और बनारसी रंग में ढाला गया है। बाबा की बरात में हास्य, व्यंग्य, लोकगीत और रंगों के साथ काशी की आत्मा सड़कों पर उतरती दिखाई देगी।

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शाम पांच बजे निकलेगी बरात, सात घंटे में तय होगा चार किलोमीटर का सफर
विश्व प्रसिद्ध शिव बरात की शुरुआत शाम पांच बजे दारानगर स्थित महामृत्युंजय महादेव मंदिर से होगी। बरात दारानगर, मैदागिन, बुलानाला, नीचीबाग, आसभैरव, चौक, ज्ञानवापी और गोदौलिया होते हुए दशाश्वमेध स्थित चितरंजन पार्क में जाकर संपन्न होगी। लगभग 4 किलोमीटर की यह यात्रा 7 घंटे में पूरी होगी। रास्ते भर काशीवासी दूल्हा बने बाबा भोलेनाथ का तिलक कर स्वागत करेंगे। इस वर्ष करीब पांच लाख श्रद्धालुओं के शामिल होने का अनुमान है, जिसे लेकर प्रशासन भी तैयारियों में जुट गया है।

तिलभांडेश्वर महादेव से दिन में निकलेगी शिव बरात
महाशिवरात्रि पर काशी तिलभांडेश्वर महादेव मंदिर से भी 15 फरवरी को भव्य और अलौकिक शिव बरात निकाली जाएगी। यह आयोजन महंत स्वामी शिवानंद गिरि जी महाराज के संरक्षण में और समिति अध्यक्ष राम बाबू यादव एवं कार्यकारिणी अध्यक्ष विजय प्रजापति के नेतृत्व में संपन्न होगा। दोपहर 12 बजे मंदिर से निकलने वाली शिव बारात पांडे हवेली, केदारजी आदि मार्गों से होती हुई सायं 4 बजे पुनः मंदिर प्रांगण में पहुंचेगी। बारात में महाकाल, तिलभांडेश्वर महादेव, ब्रह्मा-विष्णु-महेश, राम दरबार, नवदुर्गा सहित अनेक दिव्य झांकियां, देवगण, ऋषिगण, शिवगण, घोड़े-ऊंट, डमरू नाद, ढोल-नगाड़े, शहनाई और बैंड आकर्षण का केंद्र रहेंगे। सायं 6:30 बजे संध्या आरती, रात्रि में विशेष रुद्राभिषेक, तथा अगले दिन मंगला आरती के बाद दक्षिण भारतीय परंपरा अनुसार सांभर-चावल महाप्रसाद का वितरण प्रातः 9 बजे तक किया जाएगा।
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